दिल्ली में कचरे से बनेगी बिजली; 4 नए 'वेस्ट टू एनर्जी' प्लांट को सीएम की मंजूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निगम कार्यों की समीक्षा करते हुए दिल्ली में चार नए 'वेस्ट टू एनर्जी' प्लांट और तीन गोबर गैस संयंत्र लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक हजार सार्वजनिक शौचालयों के सुधार हेतु बजट और स्वच्छता नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया, ताकि कचरा प्रबंधन और ऊर्जा उत्पादन बेहतर हो सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए शहर की स्वच्छता और ऊर्जा उत्पादन पर जोर दिया है। दिल्ली के गाजीपुर, नरेला, ओखला और तेखंड में चार नए 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' स्थापित किए जाएंगे, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण होगा और बिजली बनेगी। इसके अलावा, जैविक कचरे के प्रबंधन के लिए तीन नए गोबर गैस प्लांट भी शुरू होंगे। मुख्यमंत्री ने एक हजार सार्वजनिक शौचालयों के नवीनीकरण के लिए बजट देने का भरोसा दिया और बेहतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती बरतने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की बात भी कही गई है।
बजट का दिया भरोसाएक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में एमसीडी के विभिन्न कार्यों कार्यों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अपशिष्ट प्रबंधन व सफाई व्यवस्था को प्रभावी व आधुनिक बनाने पर पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एमसीडी के अधीन संचालित होने वाले लगभग एक हजार सार्वजनिक शौचालयों व यूरिनल ब्लॉकों को नए स्वरूप में विकसित करने के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
दिल्ली में स्वच्छ वातावरण की कवायद
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन सुविधाओं का संचालन भी उच्च स्तर का होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सार्वजनिक सुविधाओं के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए। जिससे वहां किसी प्रकार की दुर्गंध न रहे, नियमित सफाई सुनिश्चित हो और नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्राप्त हो।
इन जगहों पर लगेंगे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट
मुख्यमंत्री ने एमसीडी प्रशासन को गाजीपुर, नरेला, ओखला व तेखंड में अत्याधुनिक तकनीक के तहत अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र (वेस्ट टू एनर्जी प्लांट) को स्थापित करने के निर्देश दिए। इन प्लांटों की मदद से कचरे का निस्तारण भी होगा और बिजली भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित होगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन के नए अवसर भी विकसित होंगे।
इन जगहों पर लगेंगे गोबर गैस प्लांट
इन परियोजनाओं से जैविक कचरे के बेहतर उपयोग के लिए मुख्यमंत्री ने गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दिशा में गोयला डेरी, घोघा और गाजीपुर में तीन नए प्लांट जल्द शुरू किए जाएंगे। इस समीक्षा बैठक में निगम के जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में निर्माणाधीन मलबे व सी एंड डी कचरे के प्रबंधन के रिसाइकल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में नवाचार और बेहतर तकनीकों को अपनाकर संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
स्वच्छता नियमों पर निगरानी तंत्र मजबूत करें
मुख्यमंत्री ने शहर में गंदगी फैलाने वालों पर लगाए गए बढ़े हुए जुर्मानों की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के लिए सख्त रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना अनिवार्य है और इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए ताकि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो सके।




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