सुधरेगी नौनिहालों की सेहत; हर वर्ष 2.5 लाख शिशुओं की स्क्रीनिंग कराएगी दिल्ली सरकार
दिल्ली सरकार ने मिशन अनमोल को मंजूरी दी है। इसके तहत सालाना 2.5 लाख नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जाएगी। इसका मकसद जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करना है।

दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल और स्क्रीनिंग को और बेहतर बनाने के लिए ‘मिशन अनमोल’ को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस विस्तृत नवजात शिशु स्क्रीनिंग कार्यक्रम का दायरा भी बड़ा होगा। इसके तहत अब सालाना 1.5 लाख की बजाय 2.5 लाख शिशुओं की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसका मकसद राजधानी में जन्म लेने वाले हर शिशु में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका इलाज करना है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ‘मिशन अनमोल’ के तहत हर साल 2.5 लाख नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके तहत कई प्रकार की मेटाबॉलिक, एंडोक्राइन, फंक्शनल और जन्मजात बीमारियों की समय रहते न सिर्फ पहचान हो सकेगी, वरन इलाज भी हो सकेगा। इससे भविष्य में नवजातों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
केंद्र के दिशा-निर्देशों पर तैयार किया गया कार्यक्रम
‘मिशन अनमोल’ एकीकृत और टेक्नोलॉजी आधारित कार्यक्रम है और इसे केंद्र के दिशा-निर्देशों पर सबसे अच्छे तरीकों के अनुरूप तैयार किया गया है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या और समय से पहले जन्मे बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) जैसी स्थितियों के साथ जन्मजात बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी, ताकि प्रभावित बच्चों को समय रहते इलाज मिल सके। शुरूआती दौर में ही इलाज मिल जाने से बच्चों के ठीक होने की दर भी बढ़ जाएगी।
स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा
बच्चों के इस स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए कुल 148 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मौजूदा 73 प्रयोगशाला और फील्ड कर्मचारियों के पदों को जारी रखा गया है। इसके साथ 60 स्टाफ नर्सों और 15 ऑप्टोमेट्रिस्ट के रूप में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। स्टाफ नर्सें नवजात शिशुओं, विशेषकर समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के सैंपल लेने, सुरक्षित देखभाल के समन्वय को सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
ताकि शिशुओं में अंधेपन की समस्या ना हो
वहीं, ऑप्टोमेट्रिस्ट पूरे राज्य में नवजातों की आंखों की स्क्रीनिंग ‘रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी’ में सहयोग करेंगे, ताकि नवजात शिशुओं में अंधेपन की समस्या को रोका जा सके। यह कार्यक्रम अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और प्रबंधन इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, ताकि हर नवजात की अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले पूरी स्क्रीनिंग हो सके। खासतौर पर उन अस्पतालों और नवजात गहन देखभाल इकाइयों (एनआईसीयू) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां प्रसव की संख्या बहुत अधिक है।
सुधरेगी नौनिहालों की सेहत
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 'मिशन अनमोल' हर नवजात शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। इससे दिल्ली में नवजात शिशु देखभाल प्रणाली में अहम सुधार होगा और यह सुनिश्चित हो सकेगा कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। यह राज्यव्यापी एकीकृत मॉडल दिल्ली को नवजात शिशुओं की व्यापक जांच और प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा। नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े सूचकांक में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।




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