विधवा पेंशन के लिए वेरिफिकेशन पर दिल्ली सरकार का बड़ा आदेश, तय की डेडलाइन
दिल्ली सरकार ने जिला कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे विधवा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों का वेरिफिकेशन 15 अप्रैल तक एक मोबाइल-आधारित डिजिटल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके पूरा करें।

दिल्ली सरकार ने विधवा पेंशन के लिए वेरिफिकेशन पर बड़ा आदेश पारित किया है। दिल्ली सरकार ने जिला कार्यालयों को निर्देश दिया है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूरा करें। यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप के जरिए होगी ताकि पेंशन सुचारू रूप से मिलती रहे। अधिकारियों को तकनीकी सहायता के लिए डेमो वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं।
15 अप्रैल तक की डेड लाइन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सोमवार को एक आधिकारिक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि 15 अप्रैल तक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऐप के जरिए किया जाना है काम
ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, यह काम डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऐप के जरिए किया जाना है। आदेश के मुताबिक राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत यह प्रक्रिया इसलिए शुरू की गई है ताकि सभी लाभार्थियों की पहचान सही तरीके से और समय पर की जा सके।
क्या है यह योजना?
जिला अधिकारियों को यह काम समय पर पूरा करने के लिए कहा गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना भारत सरकार की एक योजना है। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। इसका मकसद गरीब विधवा महिलाओं को पैसे की मदद देना है। इस योजना में 40 से 79 साल की विधवाओं को हर महीने 300 रुपये और 80 साल या उससे ज्यादा उम्र की विधवाओं को हर महीने 500 रुपये दिए जाते हैं।
मजदूरों को भी ईपीएफओ और ईएसआईसी से जोड़ने की तैयारी
केंद्र सरकार अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और ऑनलाइन काम करने वालों को ईपीएफओ और ईएसआईसी की सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी कर रही है। लोकसभा में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि अभी ये मजदूर पेंशन योजना का हिस्सा नहीं हैं लेकिन विभाग इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य सभी कामगारों को पेंशन देना है। सरकार का इरादा हर कर्मचारी को भविष्य निधि और स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाना है।




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