दिल्ली में DDA का बड़ा बुलडोजर ऐक्शन, इस इलाके में ढहा दिए 23 फार्महाउस; 12 एकड़ जमीन कब्जामुक्त
दिल्ली में डीडीए का बुलडोजर ऐक्शन लगातार जारी है। डीडीए ने सैनिक फार्म इलाके में 23 फार्महाउस पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए ढहा दिया और करीब 12 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया।

दिल्ली में अवैध अतिक्रमण पर डीडीए का बुलडोजर ऐक्शन लगातार जारी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सैनिक फार्म इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 एकड़ जमीन पर फैले कई फार्महाउस को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस दौरान करीब 23 फार्महाउस पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।
डीडीए ने क्यों चलाया बुलडोजर
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने बताया कि साउथ दिल्ली के सैनिक फार्म के पास तिलपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क की सीमा के अंदर अवैध निर्माण को हटाने के लिए लिए यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था। डीडीए ने बताया कि यह ध्वस्तीकरण अभियान सरकारी जमीन को कब्जामुक्त बनाने और क्षेत्र में हरियाली को वापस लाने के लिए चलाया गया था।
क्या बोले डीडीए अधिकारी
डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूगी में यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया है। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मैदानगढ़ी गांव जमीन के कई हिस्सों को टार्गेट किया गया और बायोडायवर्सिटी पार्क की सीमा में आने वाले प्लॉट पर कार्रवाई की गई। डीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी जमीन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा वापस ले लिया गया, जिसमें करीब 23 फार्महाउस बने थे। इस दौरान करीब 12 एकड़ की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करवाया गया है।
5 बजे पहुंची थी टीम
इस मामले की जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने दावा किया कि डीडीए के अधिकारी सुबह करीब 5 बजे पहुंचे और इलाके के दो फार्महाउस के कुछ हिस्सों को तोड़ा। इस दौरान डीडीए ने कुछ झुग्गियों को भी ध्वस्त कर दिया।
डीडीए ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में करीभ 3 एकड़ जमीन पर बने 7 फार्महाउस को खाली नहीं करवाया जा सका क्योंकि उसपर हाई कोर्ट ने स्टे लगा रखा है। अधिकारियों ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए, सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने और लिथपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क के हरित क्षत्र के विस्तार को बढ़ाने के लिए यह एक जरूरी कदम है।
क्या बोले स्थानीय
इस मामले पर बात करते हुए सैनिक फार्म वेस्टर्न एवेन्यू रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा कि डीडीए यह दावा करता है कि ये जमीन उसके बागवानी विभाग की है, लेकिन इस जमीन पर अभी एक मामला चल रहा है। हरदीप ने कहा कि डीडीए के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से आकर दो फार्महाउस तोड़ दिए। उन्होंने बताया कि जब तक इन फार्महाउस के मालिकर कोर्ट जाने की तैयारी करते तब तक डीडीए ने अपना काम कर दिया था।




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