दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: आचार संहिता उल्लंघन में 67 पर ऐक्शन; उम्मीदवारी सस्पेंड
दिल्ली बार काउंसिल के चुनावों के दौरान रविवार को बड़ी कार्रवाई हुई। चुनाव नियमों और आचार संहिता के उल्लंघन के कारण 67 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी मतदान के दौरान नियमों की अनदेखी की गई।

दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) के चुनावों के दौरान रविवार को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। चुनाव नियमों और आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन के चलते 67 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीसीडी चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति तलवंत सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शनिवार और रविवार को मतदान के दौरान बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी की गई।
मतदान क्षेत्र के पास जमकर नारेबाजी, बांटे पर्चे
फील्ड रिपोर्टों और पुख्ता सबूतों के आधार पर पाया गया कि इन उम्मीदवारों ने मतदान क्षेत्र के पास जमकर नारेबाजी की, प्रचार सामग्री बांटी और अनधिकृत बाहरी लोगों को तैनात किया।
12 घंटों के भीतर अपील करने की छूट
इतना ही नहीं, फ्लेक्स होर्डिंग लगाने और टेंट गाड़ने जैसी गतिविधियों से मतदाताओं के मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई, जिसे चुनाव समिति ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन माना है। हालांकि, इन निलंबित उम्मीदवारों को राहत के लिए एक संक्षिप्त मौका देते हुए आदेश के 12 घंटों के भीतर अपील करने की छूट दी गई है।
डीयू छात्रसंघ चुनाव जैसा नजारा
अदालत परिसर में चुनाव के दौरान फैली अव्यवस्था पर साकेत बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव धीर सिंह कसाना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने परिसर में बड़ी तादाद में बिखरे पैम्फलेटों की आलोचना करते हुए कहा कि यह नजारा दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा है।
98 हजार वकील रजिस्टर्ड
चुनाव के शुरुआती दो दिनों में वकीलों में भारी उत्साह देखा गया, जहां शनिवार को 17,615 और रविवार को 14,650 वकीलों ने अपने मत का प्रयोग किया। उल्लेखनीय है कि बीसीडी में लगभग 98 हजार वकील पंजीकृत हैं और मतदान की यह प्रक्रिया सोमवार को भी जारी रहेगी।
आज वर्चुअल मोड में होगी सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि आज यानी सोमवार को हाईकोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट में सभी मामलों की सुनवाई केवल वर्चुअल मोड (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए होगी।
हाई कोर्ट परिसर में कल नहीं जारी होगा गेट पास
रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सोमवार को हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए किसी भी व्यक्ति को गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। वकील और पक्षकारों को भौतिक रूप से उपस्थित होने की अनुमति नहीं होगी और जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों की पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था पटियाला हाउस कोर्ट के लिए भी समान रूप से लागू रहेगी।




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