जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए दिल्ली के हर जिले में बनेगी कमेटी, जानिए 5 अहम बातें
राजधानी दिल्ली में जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राजधानी के सभी 13 जिलों में पशु क्रूरता रोकने के लिए विशेष समितियां (SPCA) बनाई जाएंगी।

राजधानी दिल्ली में जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राजधानी के सभी 13 जिलों में पशु क्रूरता रोकने के लिए विशेष समितियां (SPCA) बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे पशु संरक्षण कानूनों को जमीनी स्तर पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
यह निर्णय हाल ही में राजस्व जिलों के पुनर्गठन के बाद लिया गया है, ताकि हर जिले में अलग से निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इस निर्णय में कई बातों का जिक्र किया गया है। इनमें से 5 बातें अहम हैं। आइए जानते हैं क्या-
1. हर जिले में बनेगी अलग समिति
दिल्ली के सभी 13 जिलों में “सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स” (SPCA) का गठन किया जाएगा, जो पशुओं पर अत्याचार के मामलों की निगरानी करेगी।
2. डीएम होंगे प्रमुख
हर जिले की इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) करेंगे और इसमें पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
3. इस कानून के तहत काम
ये समितियां Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 के तहत काम करेंगी और शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेंगी।
4. राज्य स्तर पर होगी निगरानी
राज्य स्तर पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा और जिलों को तकनीकी व आर्थिक मदद देगा।
5. DSPCA होगी खत्म
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अलग से काम कर रही दिल्ली एसपीसीए (DSPCA) को भंग कर दिया जाएगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था से न केवल संस्थागत ढांचा मजबूत होगा, बल्कि पशु कल्याण के क्षेत्र में ठोस सुधार भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जानवरों की सुरक्षा एक संवेदनशील समाज की पहचान है और सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जानवरों पर बढ़ रहे हैं अत्याचार
आपको बताते चलें कि राजधानी में पिछले कुछ समय में पशुओं के साथ क्रूरता के कई मामले सामने आए हैं। इनमें आवारा कुत्तों और बिल्लियों को जहर देना, मारपीट करना, घायल अवस्था में छोड़ देना, अवैध तरीके से पशुओं की ढुलाई, और डेयरी व अन्य जगहों पर जानवरों को अमानवीय परिस्थितियों में रखना शामिल है।
इसके अलावा कई बार पालतू जानवरों के साथ भी लापरवाही और दुर्व्यवहार के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और निगरानी की कमी भी एक बड़ी समस्या रही है, जिसे दूर करने के लिए अब सरकार ने जिला स्तर पर समितियां बनाने का फैसला लिया है।




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