'दिल्ली में 2.76 लाख राशन कार्ड धारकों को SMS से भेजे नोटिस, 200 ने ही दिया जवाब'
दिल्ली में राशन कार्ड सत्यापन को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा लगाए गए आरोपों को भाजपा विधायक हरीश खुराना ने पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार के दौरान बिना सत्यापन के फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे।

राजधानी दिल्ली में राशन कार्ड सत्यापन को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा लगाए गए आरोपों को भाजपा विधायक हरीश खुराना ने पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार के दौरान बिना सत्यापन के फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे, जिससे वंचित और जरूरतमंद लोग लाभ से वंचित रहे।
खुराना ने बताया कि अब की गई जांच में 2 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द किए गए हैं और 2.76 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से केवल 200 लोगों ने ही जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से इस मामले में श्वेत पत्र लाने की मांग करेंगे।
विधायक ने बताया कि 2014 से 2024 तक दिल्ली में कुल 9,22,766 राशन कार्ड के लिए आवेदन किए गए थे, जिनमें से कई बिना किसी ठोस सत्यापन के जारी किए गए। सत्यापन प्रक्रिया में यह सच्चाई सामने आई है।

जांच में सामने आए तथ्य
● 02 लाख राशन कार्ड संदिग्ध मिले
● 6038 राशन कार्ड मृत व्यक्तियों के नाम पर बने थे
● 16000 डुप्लीकेट कार्ड मिले
● 2,76,000 राशन कार्ड धारकों को एसएमएस से नोटिस भेजे
● केवल 227 ने जवाब दिया
● 159000 के पास जमीन है
● 77000 कार्ड धारक कार या अन्य वाहन के मालिक मिले
दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड आवेदन के लिए वार्षिक आय सीमा बढ़ाई
बता दें कि, बीते महीने दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड के लिए पात्र परिवारों की संख्या बढ़ाने के लिए वार्षिक आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया है। बयान में कहा गया कि दिल्ली की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को अधिक न्यायसंगत और गरीब परिवारों पर केंद्रित बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में वार्षिक आय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले के बाद 1.20 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे। मुख्यमंत्री के हवाले से बयान में कहा गया कि दिल्ली में इस संकल्प के साथ नए खाद्य सुरक्षा नियम लागू किए जाएंगे कि कोई भी भूखा न रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि डेटा सत्यापन से पता चला है कि इन सभी कारणों से कुल 8,27,756 से अधिक रिक्तियां पैदा हुईं। इन रिक्त स्थानों को अब उन लोगों से भरा जाएगा जो वर्षों से राशन कार्ड या खाद्य सुरक्षा कवरेज की प्रतीक्षा कर रहे हैं।




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