स्वाति मालीवाल और AAP के बीच क्या है ‘भेड़-बकरी’ वाला विवाद, केजरीवाल पर भड़कीं सांसद
आप के विधायक ने स्वाति मालीवाल के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इसके बाद अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया और कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं।

हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के साथ संसदीय दल तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय करने वालीं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के खिलाफ अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। पंजाब के 'आप' विधायकों के लिए कथित तौर पर 'भेड़-बकरी' वाली एक टिप्पणी की वजह से उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया है। स्वाति मालीवाल ने केस के बारे में मीडिया से जानकारी मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया और कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं। मालीवाल ने कहा कि दो साल में उन्हें खत्म करने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वह दूसरी मिट्टी की बनी हैं।
केजरीवाल के घर में पिटाई का आरोप लगाने के बाद बागी हुईं स्वाति मालीवाल ने लंबे समय तक 'आप' के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। पिछले दिनों वह राघव चड्ढ़ा, संदीप पाठक समेत अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। मालीवाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने दो सच बोलने का अपराध किया है और इसकी वजह से अरविंद केजरीवाल ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मालीवाल ने जिन दो बातों को अपना अपराध बताया उनका जिक्र करते हुए लिखा, 'पहला- पंजाब जैसे संवेदनशील सीमा वाले राज्य की कमान ऐसे मुख्यमंत्री के हाथ में है जो शराब के नशे में चूर होकर विधानसभा, मंदिर और गुरुद्वारा तक जाते हैं, और नशे की हालत में सरकारी फाइल्स साइन करते हैं। पंजाब की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनकी सरकार होश में चलाई जा रही है या नशे में।'
भेड़-बकरी वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए लिखा, 'जिस दिन पंजाब में 2 बम धमाके हुए, पंजाब की मंडियों में किसान परेशान बैठे हैं, 10-12 घंटे के पावर कट रोज लग रहे हैं, उस दिन पंजाब के सभी विधायकों को जबरदस्ती भेड़-बकरियों की तरह भरकर दिल्ली लाया गया। जबकि राष्ट्रपति जी के साथ अपॉइंटमेंट सिर्फ भगवंत मान जी का था। बाकी MLAs धूप में बाहर तख्तियां लेकर खड़े रहे और बाद में केजरीवाल जी के दरबार में हाजिरी लगवाई गई।'
मालीवाल ने आगे कहा कि जिस दिन पंजाब के विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए थी, पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय करना चाहिए था, जनता को भरोसा देना चाहिए था, उस दिन उनसे दिल्ली में राजनीतिक ड्रामा करवाया गया। कितना दुखद है कि इन विधायकों ने पंजाब के 3 करोड़ लोगों का भविष्य दिल्ली से आये सुपर सीएम, उनके गुंडे, हारे हुए विधायकों के हाथ दे दिया। इन विधायकों की क्या हालत है पूरा पंजाब जानता है। मुझपे केस लगाया है कि मैंने ये कहा कि इन विधायकों को भेड़-बकरी की तरह दिल्ली लाया गया।
मालीवाल ने फिर कही 'भेड़-बकरी' वाली बात
मालीवाल ने अपनी टिप्पणी को दोहराते हुए कहा, 'मैं पंजाब और पंजाब के लोगों की दिल से बहुत इज्जत करती हूं। पंजाब गुरुओं की धरती है, शूरवीरों की धरती है। पंजाबी शेर हैं… यह ऐसी कौम है जो कभी किसी के सामने नहीं झुकी। लेकिन आज पंजाब के मुख्यमंत्री और विधायकों ने दिल्ली के राजनीतिक गुंडों के सामने घुटने टेक दिए हैं। अगर यह भेड़-बकरी जैसा व्यवहार नहीं है, तो फिर क्या है?'
पता नहीं चला मैं किस मिट्टी की बनी हुई हूं: मालीवाल
मालीवाल ने यह भी कहा कि आज ही के दिन 2 साल पहले उन्हें पीटा गया था। उन्होंने कहा कि वह डरने वाली नहीं है, भले ही जेल में डाल दिया जाए। मालीवाल ने कहा, 'आज से ठीक 2 साल पहले, इसी दिन अरविंद केजरीवाल जी ने मुझे अपने घर पर पिटवाया था। पिछले 2 सालों में केजरीवाल जी ने पूरी कोशिश की है मुझे खत्म करने की। अब एक और झूठे, मनगढ़ंत केस में मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है। मैं साफ कहना चाहती हूं- मैं अरविंद केजरीवाल जी की इन हथकंडों से डरने वाली नहीं हूं। अरविंद केजरीवाल जी,एक क्या, पंजाब के हर ज़िले में मुझ पर केस कर दीजिए। सीधा जेल में डाल दीजिए। मैं डरने वाली नहीं हूं। आपको शायद अभी पता नहीं चला कि मैं किस मिट्टी की बनी हूं। पंजाब में मिलते हैं।'
क्या है भेड़-बकरी विवाद
दरअसल, भाजपा में शामिल हुए विधायकों की सदस्यता रद्द करवाने की मांग को लेकर पिछले दिनों पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इस दौरान पंजाब के विधायक भी दिल्ली पहुंचे थे और राष्ट्रपति भवन के पास धरना देते रहे। पंजाब के विधायकों को दिल्ली लाए जाने को लेकर स्वाति मालीवाल ने भेड़-बकरी वाली टिप्पणी सोशल मीडिया पर की थी। अब आप के विधायक ने इसे मानहानि बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस पर 19 मई को सुनवाई होनी है।




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