Daughter Aishwarya spoke in defense of her father Kuldeep Sengar हम भी आम लोग, इस वजह से शुरू हुई पीड़िता के परिवार से अनबन; कुलदीप सेंगर के बचाव में उतरी बेटी, Ncr Hindi News - Hindustan
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हम भी आम लोग, इस वजह से शुरू हुई पीड़िता के परिवार से अनबन; कुलदीप सेंगर के बचाव में उतरी बेटी

ऐश्वर्या ने कहा, 'हमारे पास ऐसे पूरे सबूत हैं जिनसे मेरे पिता की बेगुनाही का पता चलता है। जब शुरुआत में जांच शुरू हुई थी, तो मेरे पिता ने नार्को टेस्ट करवाने की मांग की थी, लेकिन उस वक्त इन्होंने नार्को के लिए मना कर दिया था।

Tue, 30 Dec 2025 12:13 AMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हम भी आम लोग, इस वजह से शुरू हुई पीड़िता के परिवार से अनबन; कुलदीप सेंगर के बचाव में उतरी बेटी

उन्नाव बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें साल 2017 की इस घटना को लेकर आरोपी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था और मामले में उसकी अपील लंबित रहने तक उसे जमानत दे दी गई थी। इस फैसले के बाद इस केस की पीड़िता ने जहां न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है और न्याय प्रणाली पर अपना पूरा विश्वास जताया है। वहीं आरोपी कुलदीप सेंगर की बेटियों ने सामने आकर अपने पिता को निर्दोष बताया है और इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

'मौके पर मौजूद नहीं थे पिता, CDR से हुई पुष्टि'

सेंगर की दो बेटियों में से एक ऐश्वर्या सेंगर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे पिता इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं, क्योंकि पीड़िता जिस दिन, जिस जगह पर इस घटना का होना बता रही है, उस दिन मेरे पिता वहां पर मौजूद ही नहीं थे। यहां तक उनकी CDR (फोन कॉल विवरण) रिपोर्ट से भी यह साफ हो चुका है कि वह मौके से बहुत दूर थे। इसके अलावा शुरुआती जांच के दौरान ही मेरे पिता ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी, लेकिन सामने वाला पक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। सेंगर की बेटी ने घटना के वक्त पीड़िता के नाबालिग होने की बात को भी गलत बताया और कहा कि एम्स की रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि उस वक्त पीड़िता की उम्र 18 साल से ज्यादा थी। ऐसे में मेरे पिता पर पॉक्सो लगाना बिल्कुल ही गलत था।

बेटी बोली- …तो मेरे पिता को फांसी दे देना

ऐश्वर्या ने बताया कि पीड़िता का परिवार एक अन्य राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है, और हमारी अनबन प्रधानी चुनावों की वजह से शुरू हुई थी। सेंगर की बेटी ने बताया कि रेप पीड़िता के चाचा हिस्ट्रीशीटर हैं, उनपर 17 मुकदमे दर्ज हैं और उन्होंने मेरे चाचा पर भी जानलेवा हमला किया था। यहां तक कि पीड़िता अपने बयान में घटना के होने का समय भी तीन बार बदल चुकी है। सेंगर की बेटी ने कहा कि हम भी दो बेटियां हैं, हम सोशल मीडिया पर लगातार सबूत के साथ बातें लिख रहे हैं, और गालियां खा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ सिर्फ कोई कुछ कह दे रहा है, और आप उसे मान ले रहे हैं। बेटी ने कहा कि अगर कोई एक भी ऐसा सबूत बता दे कि जिससे यह साबित हो कि मेरे पिता ने उस लड़की की तरफ आंख उठाकर भी देखा हो तो उन्हें फांसी दे दीजिए।

एक एजेंसी से बात करते हुए ऐश्वर्या सेंगर ने कहा, 'मैं फिर से यही बोलना चाहती हूं, आज तक हमने या मेरे पिता ने आजतक उनको किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया है, और ना ही हम पहुंचाएंगे। क्योंकि हमारा उनसे क्या ही वास्ता है, हम ऐसा क्यों करेंगे। साथ ही मैं एक और बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं जो कि हमारे परिवार पर जो एक्सीडेंट कराने का आरोप लगाया जाता है तो मैं बताना चाहती हूं कि उस हादसे की जांच को लेकर IIT दिल्ली, CBI, NHRC सबकी एक्सपर्ट टीमें बैठी थीं, और सबने उस एक्सीडेंट केस में पाया कि वह महज एक प्राकृतिक दुर्घटना थी।'

ऐश्वर्या ने कहा, 'हमारे पास ऐसे पूरे सबूत हैं जिनसे मेरे पिता की बेगुनाही का पता चलता है। जब शुरुआत में जांच शुरू हुई थी, तो मेरे पिता ने नार्को टेस्ट करवाने की मांग की थी, लेकिन उस वक्त इन्होंने नार्को के लिए मना कर दिया था। मेरे पिता की CDR है, मेरे पिता की तस्वीरें हैं कि उस दिन वो उस दिन उस जगह पर मौजूद नहीं थे। और शुरुआत से लेकर अबतक ये सिर्फ अपनी कहानियां बदलती जा रही हैं।'

सेंगर की बेटी ने आगे कहा, 'उस वक्त भाजपा में होने का भी हमें शायद नुकसान हुआ, क्योंकि उस वक्त भाजपा सत्ता में थी। मैं हाथ जोड़कर विनती करना चाहती हूं कि हम भी आम लोग हैं। दूसरा पक्ष भी एक विशेष राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है, 2022 में उनकी मां भी उन्नाव से विधानसभा का चुनाव लड़ी थीं। तो ऐसी बात नहीं है कि वो राजनीतिक लोग नहीं हैं, वो ताकतवर लोग नहीं हैं। हम और वो एक ही गांव से हैं, इनके जो चाचा हिस्ट्रीशीटर हैं, उन पर 17 मुकदमे थे। सन् 2000 में वो मेरे चाचा पर जानलेवा हमला करके फरार हो गए थे। इसके 16 साल बाद वो लौटकर आए, जब गांव में प्रधानी का चुनाव था, और वो प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहते थे। उस वक्त मेरे परिवार से भी लोग प्रधानी का चुनाव लड़ते थे। तो वहीं से ये अनबन शुरू हुई, उसके बाद उन्होंने उसे इस तरह का रूप दे दिया। तो मेरे पिता अगर पॉलिटिशियन नहीं होते तो शायद हमें बहुत पहले इसमें हमें न्याय मिल गया होता।'

आगे उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका पर हमें पूरा विश्वास है, लेकिन पिछले 8 साल से हम सारे सबूत लेकर घूम रहे हैं, और मैं सभी से कहना चाहूंगी कि अगर कोई एक भी सबूत दिखा दे कि मेरे पिता ने उनकी तरफ आंख उठाकर भी देखा है तो मैं कहती हूं कि उनको फांसी की सजा दीजिए। लेकिन इस केस के सारे फैक्ट्स नजरअंदाज किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ से एजेंसीज पर गैर वाजिब दबाव बनाया जा रहा है। एम्स की रिपोर्ट है कि वो तब वह 18 साल से ऊपर थीं। उन्होंने बयान में अपना समय तीन बार बदला है, पहले उन्होंने कहा, दोपहर दो बजे मेरे साथ रेप हुआ, फिर उन्होंने समय बदलकर कहा नहीं शाम को छह बजे हुआ, फिर उन्होंने फाइनली FIR में समय बदलकर कहा, नहीं रात को 8 से साढ़े आठ बजे के बीच हुआ।'

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ऐश्वर्या ने आगे कहा, 'रिपोर्ट की बात है सीबीआई ने मेरे पिता का CDR निकालकर देखा, वो 17 किलोमीटर उन्नाव अपने ऑफिस में उस वक्त मौजूद हैं, उस वक्त वो घटनास्थ्ल पर थे भी नहीं। ये जो पीड़ित हैं, इनकी खुद की फोन कॉल चल रही हैं, जब इन्होंने घटना का होना बताया था। हमारे पास सारे सबूत और कागजात होने के बाद भी हम न्याय के लिए भटक रहे हैं।

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