Police are dragging us away Congress protests ahead of Supreme Court verdict on Kuldeep Sengar पुलिस हमें घसीट रही; सेंगर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले से पहले कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, Ncr Hindi News - Hindustan
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पुलिस हमें घसीट रही; सेंगर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले से पहले कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन

उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने के हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। इससे सेंगर को एक बड़ा झटका लगा है।

Mon, 29 Dec 2025 01:21 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पुलिस हमें घसीट रही; सेंगर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले से पहले कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन

उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने के हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। इससे सेंगर को एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने न केवल सजा के निलंबन पर रोक लगाई, बल्कि सेंगर को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। गौरतलब है कि सुनवाई से पहले ही सुप्रीम कोर्ट के बाहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। इस दौरान प्रदर्शनकारी जुटे और हाई कोर्ट के पिछले फैसले के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के कई कार्यकर्ता प्रदर्शन करते नजर आए।

उन्होंने कहा, हम अपनी बेटी के लिए आए हैं औऱ पुलिस हमें घसीट रही है। पुलिस कुलदीप सिंह सेंगर को क्यों नहीं पकड़ती। वहीं महिला कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा, आज हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा और सुप्रीम कोर्ट जरूर समझेगी कि उस ऑर्डर में कितनी बचकानी हरकत थी और उस आदेश को वापस लेगी।

हाई कोर्ट का क्या था फैसला?

न्याय की मांग कर रहे लोगों के आक्रोश और संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। बता दें, हाई कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सेंगर की सजा को यह कहते हुए निलंबित कर दिया था कि वह पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुके हैं।

हाई कोर्ट ने बलात्कार मामले में दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील लंबित रहने तक सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया था। सेंगर ने इस मामले में दिसंबर 2019 के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। बहरहाल इस फैसले के बाद भी भाजपा से निष्कासित नेता जेल में ही रहा क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा काट रहा है और उस मामले में उसे जमानत नहीं मिली है।

बलात्कार का मामला और इससे जुड़े अन्य मामले अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश की निचली अदालत से दिल्ली स्थानांतरित किए गए थे।

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