ISI नेटवर्क से जुड़े 4 आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत, कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए बेहद जरूरी बताया
आरोप है कि ये चारों आरोपी दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और दिल्ली के साथ-साथ अन्य बड़े शहरों में भी आतंकवादी गतिविधियां करने की योजना बना रहे थे।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI नेटवर्क से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने नई गिरफ्तारियों के बाद इन चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था और इस साजिश के पीछे के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए उनकी कस्टडी मांगी थी। दिल्ली पुलिस की अर्जी पर विचार करने के बाद ड्यूटी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) वंशिका मेहता ने चारों आरोपियों हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, मंजीत सिंह और आंग कामी लामा को 6 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
कस्टडी रिमांड देते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं और रिकॉर्ड से पता चलता है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, 'आरोपों की गंभीरता, बरामदगी और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत का पता लगाने, मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की पहचान करने और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की बरामदगी व सत्यापन के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ करना एक निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए बेहद जरूरी है।'
पुलिस ने बताया किन आरोपों में हुई गिरफ्तारी
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपियों को दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही यह भी कहा कि उनके पास से जिंदा ग्रेनेड, पिस्तौल, गोला-बारूद और एक चोरी की कार बरामद की गई है।
कस्टडी मांगते हुए पुलिस ने दी यह दलील
आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए दिल्ली पुलिस ने अदालत को इसकी वजह बताते हुए कहा कि बड़ी साजिश का पता लगाने, इसे फाइनेंस करने वाले, मदद करने वाले और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने, विस्फोटक और अन्य आपत्तिजनक चीजें बरामद करने, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और इलेक्ट्रॉनिक बातचीत जैसे डिजिटल सबूतों का विश्लेषण करने, पैसों के लेन-देन और मनी ट्रेल की जांच करने, और इसके अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नतीजों का पता लगाने के लिए उनकी कस्टडी जरूरी है।
कोर्ट ने कहा- अन्य लोग भी हो सकते हैं साजिश में शामिल
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों से पहली नजर में पाया कि हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी से साफ संकेत मिलता है, और यह भी लगता है कि इसमें कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और भूमिका का पता अभी लगाया जाना बाकी है। जांच काफी बड़े दायरे में फैली हुई लगती है, जिसमें डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय सबूतों की जांच शामिल है।
दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़ा होने का आरोप
आरोपों के मुताबिक ये चारों आरोपी दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और दिल्ली के साथ-साथ अन्य बड़े शहरों में भी आतंकवादी गतिविधियां करने की योजना बना रहे थे। बता दें कि दिल्ली पुलिस इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 5 आरोपी पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं।




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