दिल्ली में पश्चिम विक्षोभ के असर से ठंड का यू-टर्न; घरों में कूलर-पंखे बंद, दोबारा निकले स्वेटर-कंबल
दिल्ली में करीब 15 दिन पहले पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया था। होली के आसपास ही पंखे चलाने पड़ गए थे, लेकिन अब अचानक से कंबल-रजाई फिर से निकालने पड़ गए हैं।

दिल्ली में करीब 15 दिन पहले पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया था। होली के आसपास ही पंखे चलाने पड़ गए थे, लेकिन अब अचानक से कंबल-रजाई फिर से निकालने पड़ गए हैं। दिल्ली का मौसम इस बार बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव भरा बर्ताव कर रहा है। फरवरी का महीना सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था। फरवरी का औसत तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। वहीं, मार्च के पहले पखवाड़े में भी मौसम का रुख लगातार ऐसा बना रहा।
होली पर गर्मी ने तोड़ा था रिकॉर्ड
होली पार पारा 35 डिग्री के पास पहुंच गया था। दिल्ली के सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान चार से सात डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा बना रहा। इससे घरों में पंखे चलने लगे थे। कुछ लोगों ने एसी-कूलर भी चलाना शुरू कर दिया था। दिन में लोग गर्मी-धूप से परेशान नजर आ रहे थे।
इस बीच बुधवार से सक्रिय पश्चिम विक्षोभ से मौसम में तेज बदलाव देखने को मिला है। बुधवार की शाम को दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। जिसके चलते तापमान में गिरावट का रुख बना रहा। इसी तरह से शुक्रवार की सुबह से दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में घने बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी होती रही। दिल्ली व आसपास के ज्यादातर इलाके में हो रही बारिश के चलते हवा में नमी की मात्रा भी बढ़ी है। ठंडी नम हवाओं और बीच-बीच में होने वाली बारिश के चलते शुक्रवार को अधिकतम तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली के सफदरजंग में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 9.6 डिग्री कम है। दिल्ली के मयूर विहार इलाके में दिन के समय सबसे ज्यादा ठंड महसूस की गई। यहां पर दिन का अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री रिकार्ड किया गया।
पांच महीने बाद 100 से नीचे आया एक्यूआई
राजधानी में बदले मौसम ने प्रदूषण की स्थिति पर भी जादू जैसा असर किया है। पांच महीनों बाद दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से नीचे आया है। इसे पहले पिछले साल अक्तूबर के मौसम में दिल्ली की हवा इस स्तर तक साफ-सुथरी रही थी। अगले दो दिनों के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।
सामान्य से 22 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई
दिल्ली में फरवरी में सामान्य से 98% कम बारिश हुई थी। मार्च के पहले पखवाड़े में भी बारिश नहीं हुई थी। अब बारिश का कोटा सामान्य से ज्यादा पहुंच चुका है। सफदरजंग में आमतौर पर 20 मार्च तक 13.1 मिमी बारिश होती है। अभी तक 16 मिमी बारिश हो चुकी है। इस बार सामान्य से 22% ज्यादा बारिश हो चुकी है।




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