दिल्ली में अचानक ऐसी बारिश और ठंड क्यों? वैज्ञानिकों ने बताई 1000 KM लंबी ‘रेन बैंड’ वाली वजह
दिल्ली में गर्मियों की शुरुआत के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास हो रहा है। घरों में पंखे एसी तक बंद हो गए हैं। वजह है एक पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली एनसीआर में बुधवार से हो रही तेज बारिश।

दिल्ली में गर्मियों की शुरुआत के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास हो रहा है। घरों में पंखे एसी तक बंद हो गए हैं। वजह है एक पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली एनसीआर में बुधवार से हो रही तेज बारिश। इसके चलते तापमान भी सामान्य से काफी नीचे गिर गया है। शुक्रवार सुबह भी दिल्ली में बारिश के साथ न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4.5 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जो कि सामान्य से 9.6 डिग्री सेल्सियस कम है। मार्च के महीने के लिए यह छह सालों में सबसे ठंडा दिन रहा है। इससे पहले वर्ष 2020 की 8 मार्च को अधिकतम तापमान इससे भी नीचे 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा था।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मौसम में अचानक आए इस बदलाव की वजह 1000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक पट्टी यावनी रेन बैंड है जो उत्तर भारत पर ऐक्टिव है। इसी रेन बैंड के चलते तापमान में गिरावट आ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वेदर सिस्टम काफी अलग और तेज है। खुद को मौसम वैज्ञानिक बताने वाले डॉ. प्रदीप के मुताबिक, हजारों किलोमीटर लंबी एक ट्रफ लाइन उत्तर भारत के ऊपर बनी हुई है, जो बहुत कम देखने को मिलती है। इसमें गरज के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि करने की क्षमता है।
दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश की आशंका
उन्होंने 15 मार्च को भी इस बारे में सतर्क करते हुए कहा था कि 20 से 25 मार्च के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत में एक ट्रफ लाइन गुजरने की संभावना है जिससे दक्षिण, उत्तर, पूर्व और भारत के अन्य हिस्सों में कई स्थानों पर भारी ओलावृष्टि, धूल भरी आंधी और बारिश हो सकती है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जिससे कुछ इलाकों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बन सकती है। यह बारिश का सिलसिला अब उत्तर प्रदेश के आंतरिक हिस्सों जैसे लखनऊ और कानपुर की ओर भी बढ़ रहा है।
आगे किन राज्यों पर पड़ेगा असर?
डॉ प्रदीप ने एक पोस्ट में कहा, सैटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है कि एक विशाल बादलों का सिस्टम पूरे क्षेत्र को कवर कर चुका है । तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जिन राज्यों पर इस सिस्टम का आगे असर पड़ सकता है उनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शामिल है। वहीं राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ती नजर आ सकती हैं।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
डॉ प्रदीप ने आगाह किया है कि अगले 24 घंटे बेहद अहम है क्योंकि इस दौरान मौसम अचानक उग्र हो सकता है। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने का खतरा है और भारी बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
आईएमडी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में सफदरजंग में 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में 5.4 मिमी, लोधी रोड में 6.3 मिमी, रिज में 7.4 मिमी और आयानगर में 5.6 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने बताया कि देश के कई हिस्सों में हुई बारिश और पश्चिमी विक्षोभों के लगातार नजदीक आने के कारण मौसम में बदलाव आया है। उसने कहा, अगले एक हफ्ते दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास बने रहने की संभावना है। लू की स्थिति बनने की आशंका नहीं है।
भाषा से इनपुट




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