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मेट्रो के 3 कॉरिडोर के लिए दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से की रकम जारी की, जानें रूट डिटेल

दिल्ली सरकार ने राजधानी के मेट्रो नेटवर्क का और विस्तार करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) के चौथे चरण के शेष तीन कॉरिडोर के लिए अपने हिस्से की धनराशि जारी कर दी है।

Sun, 18 Jan 2026 07:44 PMSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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मेट्रो के 3 कॉरिडोर के लिए दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से की रकम जारी की, जानें रूट डिटेल

दिल्ली सरकार ने राजधानी के मेट्रो नेटवर्क का और विस्तार करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) के चौथे चरण के शेष तीन कॉरिडोर के लिए अपने हिस्से की धनराशि जारी कर दी है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन परियोजनाओं से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मेट्रो कनेक्टिविटी में सुधार होगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। इन कॉरिडोर के चार साल के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। मेट्रो संचालन प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक तक 8 स्टेशन

चौथे चरण के तीनों मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 47.225 किलोमीटर होगी। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 14,630.80 करोड़ रुपये है, जिसमें से 3,386.18 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार वहन करेगी। पहला कॉरिडोर लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक तक प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई 8.385 किलोमीटर है। इसमें 8 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे।

इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक 10 स्टेशन

दूसरा कॉरिडोर इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई 12.377 किलोमीटर है। इस लाइन पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन होंगे, जिनमें एक एलिवेटेड और 9 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं। इस कॉरिडोर को लाजपत नगर-साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर के साथ संयुक्त वित्तीय ढांचे में शामिल किया गया है। इन दोनों कॉरिडोर की संयुक्त परियोजना लागत 8,399.81 करोड़ रुपये है, जिसमें से दिल्ली सरकार का हिस्सा 1,987.86 करोड़ रुपये होगा।

रिठाला से कुंडली तक 21 स्टेशन

तीसरा और सबसे लंबा कॉरिडोर रिठाला से कुंडली तक प्रस्तावित है, जिससे पड़ोसी राज्य हरियाणा से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह कॉरिडोर 26,463 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 21 स्टेशन होंगे। इस परियोजना की कुल लागत 6,230.99 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसमें दिल्ली सरकार का हिस्सा 1,398.32 करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि कुल लागत में से 5,685.22 करोड़ रुपये दिल्ली के लिए और 545.77 करोड़ रुपये हरियाणा के लिए खर्च किए जाएंगे।

तीनों कॉरिडोर के रूट

ये तीनों कॉरिडोर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले निवासियों को बेहतर यात्रा सुविधाएं प्रदान करेंगे। लाजपत नगर-साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, जीके-1, चिराग दिल्ली, पुष्प भवन, साकेत जिला केंद्र और पुष्प विहार से होकर गुजरेगा।

इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर इंद्रलोक, दयाबस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, झंडेवालन, नबी करीम, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट और दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा।

रिठाला-कुंडली कॉरिडोर रिठाला, रोहिणी सेक्टर 25, 26, 31, 32, 36, बरवाला, रोहिणी सेक्टर 35 और 34, बवाना औद्योगिक क्षेत्र- I (सेक्टर 3-4 और 1-2), बवाना जेजे कॉलोनी, सनोथ, न्यू सनोथ, भोरगढ़ गांव, नरेला अनाज मंडी, नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नरेला, नरेला सेक्टर -5, कुंडली और नाथूपुर से होकर गुजरेगा।

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टेंडर प्रक्रिया जारी

इन कॉरिडोर के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और कुछ कॉरिडोर पर बुनियादी काम शुरू हो चुका है। तीनों कॉरिडोर चार साल के भीतर पूरे होने की उम्मीद है। इन मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, यात्रियों का समय बचेगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

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टेंडर प्रक्रिया जारी

इन कॉरिडोर के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और कुछ कॉरिडोर पर बुनियादी काम शुरू हो चुका है। तीनों कॉरिडोर चार साल के भीतर पूरे होने की उम्मीद है। इन मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, यात्रियों का समय बचेगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदूषण नियंत्रण में भी योगदान

एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चौथे चरण के तीनों कॉरिडोर दिल्ली को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक आधुनिक और सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली प्रदान करेंगे। यह परियोजना यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और समय की बचत सुनिश्चित करेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करेगी और प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को विश्व स्तरीय शहर बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार इसी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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