गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन पर मिलेगा शॉपिंग-डाइनिंग का मजा! खुलेंगे कैफे और दुकानें
यात्रियों के ट्रैवल को आसान बनाने और स्टेशन एरिया को कॉमर्सियल हब के रूप में डेवलप करने के उद्देश्य से यहां कैफे, रूफटॉप रेस्टोरेंट और रिटेल आउटलेट्स खोले जाएंगे।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर स्थित गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। यात्रियों के ट्रैवल को आसान बनाने और स्टेशन एरिया को कॉमर्सियल हब के रूप में डेवलप करने के उद्देश्य से यहां कैफे, रूफटॉप रेस्टोरेंट और रिटेल आउटलेट्स खोले जाएंगे। इसके लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने प्रॉपर्टी डेवलपमेंट (PD) एरिया के कॉमर्सियल इस्तेमाल के लिए टेंडर मंगवाए हैं।
NCRTC ने बताया कि इस पहल का मकसद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को भी शॉपिंग और डाइनिंग के नए विकल्प मिल सकें। सभी कॉमर्सियल सुविधाएं स्टेशन एरिया के भीतर ही बनाई जाएंगी। योजना के तहत करीब 18578 वर्ग मीटर क्षेत्र को लाइसेंस के आधार पर कॉमर्सियल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन स्पेस के लिए लाइसेंस का समय 25 साल रखा गया है, जिसके बदले एक तय लाइसेंस फीस ली जाएगी।
PD एरिया स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में फैला होगा। इसमें करीब 4229 वर्ग मीटर क्षेत्र ग्राउंड फ्लोर पर, 11914 वर्ग मीटर अपर लेवल-1 और लेवल-2 पर, जबकि 2435 वर्ग मीटर क्षेत्र कोर-ए फ्लोर पर शामिल है। NCRTC के मुताबिक, इन व्यावसायिक स्थलों का उपयोग दुकानों, कियोस्क, रेस्टोरेंट, कैफे, शोरूम, बैंक्वेट हॉल, फार्मेसी, मेडिकल और वेलनेस सेंटर, होटल और क्षेत्रीय उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले आउटलेट्स के रूप में किया जा सकेगा।
इच्छा रखने वाले बोलीदाता ई-टेंडरिंग प्रेसेस के जरिए आवेदन कर सकते हैं। टेंडर जमा करने की लास्ट डेट 4 फरवरी 2026 तय की गई है। NCRTC ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य स्टेशन एरिया को लोगों के मुताबिक कॉमर्सियल सेंटर में बदलना है, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़े और नॉन-फेयर रेवन्यु में भी बढ़ोतरी हो।
गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन शहर के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। यह मुख्य बस अड्डे के नजदीक होने के कारण इसकी कॉमर्सियल संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं। पटेल नगर, राज नगर, आर्य नगर और कवि नगर जैसी रिहायशी कॉलोनियों के साथ-साथ आसपास के बाजार और शैक्षणिक संस्थान यहां निरंतर फुटफॉल सुनिश्चित करेंगे।
यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से भी जुड़ा हुआ है। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर स्थित यह स्टेशन भविष्य में एक प्रमुख ट्रांजिट और कमर्शियल हब के रूप में उभरने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिलेगा।




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