एक ही दिन में 300 मकानों पर चल गए बुलडोजर, NCR की इस बस्ती में तबाही मच गई
एनसीआर की एक कॉलोनी में बुधवार को दिनभर बुलडोजर गरजता रहा। सुबह से शाम तक हुई इस कार्रवाई में करीब 300 अवैध मकानों को गिरा दिया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। प्रशासन ने कॉलोनी के एक किलोमीटर के दायरे में बेरिकेडिंग कर रखा था।

फरीदाबाद नगर निगम ने बुधवार को भी नेहरू कॉलोनी में तोड़फोड़ की कार्रवाई की। छह बुलडोजर और दो बड़ी मशीनों से सुबह से शाम तक करीब 300 अवैध मकानों को गिरा दिया गया। वहीं, दूसरी तरफ मौके पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध देखने को मिले।
तोड़फोड़ के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कॉलोनी की ओर जाने वाले कई प्रमुख रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर यातायात को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट किया गया। एक किलोमीटर दायरे में की गई बेरिकेडिंग से दिनभर लोग भटकते नजर आए, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। निगम के एसडीओ का कहना है कि इलाके में तोड़फोड़ गुरुवार को भी जारी रहेगी।
बुधवार सुबह करीब आठ बजे नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची। टीम के साथ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम को देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई शुरू होते ही कई लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया।
चार दिन पहले अवैध धार्मिक स्थल गिराए थे
नेहरू कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है। चार दिन पहले भी निगम प्रशासन ने यहां बने कुछ अवैध धार्मिक स्थलों को हटाया था। उसके स्थान पर स्लिप रोड बना दी गई। बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान कई मकान, दुकानें, अस्थायी ढांचे और अन्य निर्माणों को तोड़ा गया। निगम अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश निर्माण सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के किए गए थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस दिए गए थे, उनमें से कई ने स्वयं निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि शेष निर्माणों को निगम की मशीनों से हटाया गया।
कॉलोनी के चारों ओर बैरिकेडिंग
कार्रवाई को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा के पहले से कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, महिला पुलिसकर्मी, दंगा नियंत्रण वाहन और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए। कॉलोनी के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई थी ताकि बाहरी लोगों की आवाजाही नियंत्रित रहे और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस तैनात की थी। कई स्थानों पर यातायात को डायवर्ट किया गया, जिससे लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि प्रशासन को इसके लिए पहले वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए था।
स्थानीय लोगों ने पुनर्वास की मांग की
नेहरू कॉलोनी में 75 साल की एक बुजुर्ग महिला तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे खाट पर लेटी रो रही थी। उन्होंने कहा सब उजड़ गया, महिला गीता ने बताया कि उनका जन्म इसी कॉलोनी में हुआ, 45 साल से यहीं रह रही हैं। झाड़ू-पोछा करके मकान बनाया था, अब छत नहीं बची। चांद ने कहा कि 42 साल से यहां रह रहे थे, बिना नोटिस मकान तोड़ दिए। गर्मी में सब सड़क पर हैं। लोगों का आरोप है कि कई के पास रजिस्ट्री भी है, फिर भी मकान तोड़े जा रहे हैं। ऐसे में लोग अपना सामान सड़क पर रख कर सरकार से पुनर्वास की मांग उठाई।
बचे हुए घरों को भी तोड़ा जाएगा
नगर निगम के एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा ने कहा कि नेहरू कॉलोनी में सड़क किनारे बने करीब 300 घरों के खिलाफ तोड़फोड़ कार्रवाई की गई हैं। लोगों को तोड़फोड़ से पहले नोटिस जारी किए गए थे, जिससे किसी के सामानों को नुकसान न हो। अनेक लोगों ने पहले की घरों को खाली कर दिया था। जो घर बच गए हैं उन्हें भी जल्द तोड़ा जाएगा।




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