NCR की घनी बस्ती में 300 मकानों को तोड़े जाने के बाद भी नहीं रुकेगा बुलडोजर
फरीदाबाद में की नेहरू कॉलोनी में 300 मकानों को तोड़े जाने के बाद भी नगर निगम की कार्रवाई रुकने नहीं जा रही है। अवैध रूप से बनाए गए और भी मकानों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। फिलहाल मलबा हटाने के लिए कार्रवाई रुकी हुई है।

दिल्ली से सटे फरीदाबाद की एक घनी बस्ती में इन दिनों बुलडोजर का खौफ है। 300 मकानों को तोड़ने के बाद इस पर ब्रेक लगता नहीं दिख रहा है। 10 हजार मकानों वाले नेहरू कॉलोनी में बुधवार कई बुलडोजर एक साथ गरजे और सैकड़ों मकानों को पत्थर-पत्थर कर दिया। इसके बाद गुरुवार को तोड़फोड़ नहीं हुई पर यह कुछ घंटों की ही राहत थी।
कॉलोनी में फैले मलबे की वजह से कार्रवाई रोकी गई नगर निगम की टीम ने मलबा साफ करने का काम किया। अधिकारियों के अनुसार मलबा हटने के बाद बचे हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा। नगर निगम 300 मकानों के मलबे को हटाने में जुटा हुआ है।
दरअसल, बुधवार को हुई बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था। गुरुवार को नगर निगम की जेसीबी और अन्य मशीनें दिनभर मलबा हटाने और रास्ते साफ करने में लगी रहीं। कई स्थानों पर टूटे मकानों के अवशेष सड़कों तक फैले हुए थे।

मलबे से सामान निकालते रहे लोग
नगर निगम के अधिकारियों ने पहले पूरे क्षेत्र को साफ करने का निर्णय लिया ताकि आगे की कार्रवाई में किसी प्रकार की बाधा न आए। मलबे को हटाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी रहा। कार्रवाई से प्रभावित परिवार मकानों के मलबे से जरूरी सामान निकालते रहे। राकेश, साकिर, उमेश और हारून समेत कई लोगों ने बताया कि उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने का पर्याप्त समय नहीं मिला। लोग घरेलू सामान निकालने में जुटे रहे।
बारिश में नहीं मिली सिर छिपाने की जगह
गुरुवार को हुई बारिश ने प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ा दी। जिन लोगों के मकान टूट चुके हैं, उन्हें सिर छिपाने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल सका। कई परिवारों के साथ छोटे बच्चे भी खुले में रहने को मजबूर रहे। बारिश के दौरान लोग अपने सामान को बचाने की कोशिश करते रहे। प्रभावित परिवारों का कहना है कि मकान टूटने के बाद मौसम खराब होने से हालात और कठिन हो गए हैं। कई लोगों ने दिनभर अस्थायी इंतजामों के सहारे समय बिताया।




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