भाजपा एक इच्छाधारी नाग; अरविंद केजरीवाल को मिली राहत से कांग्रेस क्यों दुखी?
कांग्रेस नेता ने कहा, चुनाव आ रहे हैं। इसलिए पटकथा भी एकदम अनुमानित है। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामलों में अचानक तेजी आ जाएगी, पी. चिदंबरम जी को फिर से सुर्खियों में घसीटा जा रहा है क्योंकि तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए यहां की एक अदालत ने इन सभी को शराब घोटाले के एक मामले में शुक्रवार को आरोपों से मुक्त कर दिया। हालांकि इस फैसले से कांग्रेस ज्यादा खुश नहीं है और उसे इसमें भी साजिश दिखाई दे रही है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा एक इच्छाधारी नाग है, जो कांग्रेस को हराने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए आया है ताकि आने वाले गुजरात और पंजाब चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने सहयोगियों केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को नहला-धुलाकर पेश करना चाहती है, ताकि वह अपना कांग्रेस मुक्त भारत का जुनूनी लक्ष्य पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि प्रतिशोध को शासन बनाना और जांच एजेंसियों को चुनावी औजार की तरह इस्तेमाल करना ही भाजपा का असली खेल है।
केजरीवाल के आरोप मुक्त होने पर कांग्रेस नेता ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि जो भी भाजपा की राजनीति को समझता है, उसे इस बात से जरा भी हैरानी होगी, वह तो इस चीज के लिए तैयार था। क्योंकि आने वाले कुछ सालों में, कुछ महीनों में गुजरात और पंजाब में चुनाव होने हैं, उसके लिए अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को नहला-धुलाकर फिर से सबके सामने पेश किया जा रहा है, ताकि कांग्रेस को कमजोर किया जाए।
'भाजपा की एकमात्र दुश्मन कांग्रेस पार्टी है'
आगे उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को कमजोर करने की कड़ी में कल आपने देखा होगा कि किस तरह चिदंबरम साहब के खिलाफ सेंक्शन फॉर प्रोसिक्यूशन आ गया, क्योंकि तमिलनाडु में चुनाव है। पिछले हफ्ते आपने मेरठ में देखा कि कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए प्रधानमंत्रीजी ने तृणमूल कांग्रेस तक की तारीफ कर दी, तो भारतीय जनता पार्टी का असली दुश्मन सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी है, जिसके खिलाफ वह जहर उगलते हैं, जिसके खिलाफ वह कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देते हैं।’
'भाजपा एक इच्छाधारी नाग, जिसके बाद रूप बदलने की शक्ति'
उधर इस बारे में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने लिखा, 'भाजपा कोई राजनीतिक दल नहीं है। वह एक इच्छाधारी नाग है जिसके पास रूप बदलने की शक्ति है। उसका एक ही जुनूनी लक्ष्य है, कांग्रेस को हराना और कांग्रेस मुक्त भारत बनाना। इस लक्ष्य के लिए वह किसी भी स्तर तक गिर सकती है। 12 वर्षों तक उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जहर उगला। और अब? नरेंद्र मोदी स्वयं उसकी प्रशंसा कर रहे हैं वो भी सम्मान के कारण नहीं, बल्कि कांग्रेस पर वार करने के लिए।'
'गुजरात व पंजाब चुनाव की वजह से AAP नेताओं को मिलेगी राहत'
आगे उन्होंने लिखा, 'चुनाव आ रहे हैं। इसलिए पटकथा भी एकदम अनुमानित है। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामलों में अचानक तेजी आ जाएगी, पी. चिदंबरम जी को फिर से सुर्खियों में घसीटा जा रहा है क्योंकि तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं। वहीं दूसरी ओर, उनके आम आदमी पार्टी में 'सुविधाजनक सहयोगियों' और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही कार्यवाहियां गुजरात और पंजाब चुनावों के मद्देनज़र चुपचाप ठंडी पड़ जाएंगी। यही भाजपा का असली खेल है, प्रतिशोध को शासन बनाना और जांच एजेंसियों को चुनावी औजार की तरह इस्तेमाल करना।'
उधर इस मामले में दिल्ली की अदालत का फैसला आने के बाद केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लिया है। इससे पहले अपने फैसले में विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत चार्जशीट में नामजद किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया था।




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