6 महीने में तैयार होगा दिल्ली का बिजवासन रेलवे स्टेशन, इन राज्यों के लिए यहीं से चलेंगी ट्रेनें
वर्षों से लटके दिल्ली के बिजवासन रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अगले छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसे तैयार करने में सबसे बड़ी बाधा बने पेड़ों को काटने की अनुमति विभिन्न विभागों से मिल गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन पेड़ों के चलते ट्रैक एवं स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता नहीं बन पा रहा था।

वर्षों से लटके दिल्ली के बिजवासन रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अगले छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसे तैयार करने में सबसे बड़ी बाधा बने पेड़ों को काटने की अनुमति विभिन्न विभागों से मिल गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन पेड़ों के चलते ट्रैक एवं स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता नहीं बन पा रहा था। बिजवासन स्टेशन के बनने से राजस्थान, महाराष्ट्र एवं गुजरात की ओर जाने वाली कई गाड़ियों को वहीं से चलाया जाएगा।
वहीं, बिजवासन स्टेशन के पास एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन आदि होने के चलते यह एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा। उत्तर रेलवे द्वारा दिल्ली में कई स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से बिजवासन (केवल दो प्लैटफॉर्म मौजूद) एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जिसका विस्तार कार्य पिछले कई वर्षों से जारी है।

कुल 8 प्लैटफॉर्म तैयार होंगे
स्टेशन का निर्माण कार्य 80 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। यहां कुल 8 प्लैटफॉर्म तैयार होंगे। यहां से महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान दिशा की अधिकांश गाड़ियां चलेंगी। आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3, यूईआर-2 और द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन पास में होने के चलते यात्रियों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। भविष्य में यहां पर बस अड्डे का भी प्रस्ताव है। बिजवासन स्टेशन के तैयार होने से दिल्ली के अन्य स्टेशन जैसे नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, सराय रोहिल्ला आदि पर मौजूद गाड़ियों एवं यात्रियों का भार कम होगा। इन जगहों से कुछ गाड़ियों को बिजवासन स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे न केवल बिजवासन बल्कि इन तीनों स्टेशनों से भी यात्रा करना अभी के मुकाबले आरामदायक हो जाएगा। पेड़ों को काटने की अनुमति मिलने के बाद यहां तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगामी जुलाई तक यह स्टेशन तैयार हो सके।
यात्रियों के लिए आरामदायक होगा स्टेशन
बिजवासन रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए बेहद आरामदायक होगा। यात्रियों के लिए न केवल स्टेशन तक पहुंचना बल्कि प्लैटफॉर्म तक पहुंचना बेहद आसान होगा। यहां आनंद विहार की तरह सब-वे बनाए जा रहे हैं, जिसके रास्ते यात्रियों को प्लैटफॉर्म तक जाने में आसानी होगी। इसके साथ ही एफओबी, एस्केलेटर, लिफ्ट, वेटिंग लाउंज, अत्याधुनिक शौचालय, लंबे-चौड़े प्लैटफॉर्म स्टेशन पर यात्रियों का सफर आसान बनाएंगे।
आठ वर्ष से लंबित था मामला
सूत्रों ने बताया कि बिजवासन रेलवे स्टेशन के विकास कार्य में बाधा बन रहे 3812 पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए रेलवे द्वारा 30 मार्च 2016 में पहला पत्र संबंधित विभाग को लिखा गया था। इसके बाद वर्ष 2020 में एक, 2021 में तीन, 2022 में तीन, 2023 में दो और 2024 में चार पत्र लिखे गए। लगभग 10 साल बाद रेलवे को पेड़ काटने की अनुमति मिल गई है। इससे स्टेशन को तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।




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