भारत का भरोसेमंद दोस्त, एक युग का अंत; ईरान सुप्रीमो खामेनेई के मारे जाने पर AAP सांसद भी दुखी
इजरायली हमले में ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने से भारत में शिया मुसलमान जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच आप सांसद संजय सिंह ने भी खामेनेई को श्रद्धांजलि दी है। कहा कि एक युग का अंत हो गया।

घेराबंदी, पाबंदी और धमकियों के दौर के बाद आखिरकार अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया। दोनों देशों की सेनाओं ने कई ओर से ईरान पर बमबारी शुरू कर दी। ईरान ने भी पलटवार किया और इजरायल सहित अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इससे मध्यपूर्व एशिया दहल गया। इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर भारत में भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कश्मीर, दिल्ली और लखनऊ समेत देश के विभिन्न हिस्सों से शिया मुसलमानों में मातम है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि एक युग का अंत हो गया। उन्होंने खामेनेई को भारत का सबसे 'भरोसेमंद दोस्त' करार दिया।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने X पोस्ट में लिखा है, “ख़ामेनेई का जाना एक युग का अंत है। भारत ने अपना एक सच्चा दोस्त खो दिया है। खामेनेई जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईरान भारत का परम्परागत मित्र है, उसने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हमेशा हमारा साथ दिया, कश्मीर के मुद्दे पर भारत के पक्ष वोट किया, ऊर्जा क्षेत्र में भारत को सुरक्षा प्रदान की, सस्ता तेल उपलब्ध कराया। आज ईरान संकट में है भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वैश्विक तानाशाह अमेरिका को रोकना होगा, वेनेजुएला के बाद ईरान आगे कौन? अमेरिका और इज़रयाल की तानाशाही के कुछ तो बोलो मोदी जी, आप विश्वगुरु नही गुरुघंटाल हो।”
संजय सिंह ने केंद्र सरकार से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने का भी आग्रह किया, उन्होंने दुनिया भर में फैल रहे 'वैश्विक तानाशाह अमेरिका के अत्याचार' के बारे में आगाह किया।
ईरान में क्या हो रहा है?
ईरान में इस समय अभूतपूर्व तनाव और अस्थिरता का माहौल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत गई है। हमले में खामेनेई के तेहरान स्थित आवास को निशाना बनाया गया, जिसमें उनके साथ परिवार के कुछ सदस्य और कई शीर्ष सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं।
ईरान में 40 दिन का शोक
ईरानी सरकारी मीडिया ने इस खबर की पुष्टि करते हुए देश में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके हुए हैं और सभी सरकारी संस्थानों में सात दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के भविष्य और नेतृत्व को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल देश की कमान राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और न्यायपालिका प्रमुख की एक समिति के पास है।
सुरक्षा के लिहाज से पूरे ईरान में, विशेषकर तेहरान और कोम जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भारी सैन्य तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह के आंतरिक विद्रोह या अशांति को रोका जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले की प्रतिक्रिया के रूप में ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत मिडिल ईस्ट के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल पर मिसाइलें दागी गई हैं।




साइन इन