Arvind Kejriwal Writes Letter to Judge Swarna kanta sharma says Lost Faith in Justice 'जज स्वर्ण कांता से न्याय की उम्मीद टूटी'; केजरीवाल ने चिट्ठी लिख बताया अपना फैसला, Ncr Hindi News - Hindustan
More

'जज स्वर्ण कांता से न्याय की उम्मीद टूटी'; केजरीवाल ने चिट्ठी लिख बताया अपना फैसला

अरविंद केजरीवाल ने हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लेटर में कहा कि उन्हें जज से न्याय की उम्मीद टूट चुकी है। अब वे गांधी जी के सत्याग्रह की राह पर चलेंगे।

Mon, 27 April 2026 11:19 AMGaurav Kala अमित झा, नई दिल्ली, हिन्दुस्तान
share
'जज स्वर्ण कांता से न्याय की उम्मीद टूटी'; केजरीवाल ने चिट्ठी लिख बताया अपना फैसला

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब हाई कोर्ट जज स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने लेटर मे कहा है कि अब उन्हें जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है, इसलिए उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का फैसला किया है। बता दें कि बीते 20 अप्रैल को जज शर्मा की अदालत ने केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया था। केजरीवाल ने मांग की थी कि जज स्वर्ण कांता शर्मा कथित आबकारी घोटाला से जुड़े उनके केस को किसी और बेंच में ट्रांसफर कर दें।

अपने पत्र में केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वह अब इस मामले में न तो खुद अदालत के समक्ष पेश होंगे और न ही अपने वकील के माध्यम से पेशी कराएंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए लिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अपलोड किसने किया? जस्टिस स्वर्ण कांता से बहस करते केजरीवाल के वीडियो पर HC सख्त

सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगा

अपने पत्र में केजरीवाल ने यह भी कहा कि हालांकि वह अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखेंगे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जस्टिस स्वर्ण कांता विवाद के बीच HC के जज ने केजरीवाल के केस से खुद को किया अलग

मुझे झूठे केस में फंसाया गया

केजरीवाल ने इस मामले में एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं, जब जीत-हार मायने नहीं रखती… सही और गलत मायने रखता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आप मुश्किल रास्ता चुनेंगे या आसान रास्ता। आज मैं भी ऐसे ही मोड़ पर खड़ा हूं। मुझे झूठे केस में फंसाया गया। हमें कई महीने जेल में रखा। एक चुनी सरकार को गलत तरीके से हटाया गया, लेकिन 27 फरवरी को अदालत ने इंसाफ सुनाया और मुझे पूरी तरह निर्दोष घोषित कर दिया। कोर्ट ने सीबीआई की जांच पर ही सवाल खड़े किए और जांच अधिकारी के खिलाफ ऐक्शन के निर्देश दिए।

केस जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में आया

केजरीवाल वीडियो में आगे कहते हैं कि सीबीआई ने तब केस हाई कोर्ट में लाई। केस जज स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में आया। तब मेरे मन में सवाल आया कि मुझे न्याय मिलेगा? मेरे मन में यह प्रश्न क्यों आया… दो प्रमुख कारण हैं… पहला आरएसएस की जिस विचारधारा ने झूठे केस में मुझे जेल में डाला, जज साहिबा ने खुद माना है कि वे उस विचारधारा से जुड़े संगठन के मंचन पर वे कई बार जाती रहीं। मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के विरोधी है। ऐसे में क्या मुझे इंसाफ मिलेगा?

दूसरा कारण… कोर्ट ने मेरे विपक्ष में केंद्र सरकार की सीबीआई है और जस्टिस शर्मा के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में हैं। मेरे विपक्ष में जो वकील हैं तुषार मेहता। वे जज शर्मा के दोनों बच्चों को केस देते हैं। उन्हें कितने केस मिलेंगे, कौन से केस मिलेंगे… यह तुषार मेहता तय करते हैं। जज शर्मा के बेटे को सबसे अधिक केस मिलते हैं। उनसे उनको करोड़ों के केस मिले हैं। आज के समय में उनकी कमाई और भविष्य तुषार मेहता तय कर रहे हैं। ऐसे में क्या मुझे न्याय मिलेगा? मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे ज्यूडिशरी पर पूरा भरोसा है। मुझे इसी न्यायपालिका ने इंसाफ दिया। इन 75 वर्षों में जब-जब देश पर आंच आई, तब इसी न्यायपालिका ने देश को बचाया।

मुझे जज से कोई आपत्ति नहीं

केजरीवाल ने आगे कहा कि मुझे जज शर्मा से कोई आपत्ति नहीं है। मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन उपरोक्त कारणों से मुझे संशय है कि इंसाफ मिलेगा। उन्होंने मेरी दलील को मानने से इनकार करते हुए केस अपने पास ही रखा है। अब मेरे पास बापू (महात्मा गांधी) के पदचिन्हों पर चलते हुए सत्याग्रह का रास्ता है।

केजरीवाल की याचिका खारिज कर चुकी अदालत

बता दें कि बीते 20 अप्रैल को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने आबकारी नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया। एक घंटे से अधिक समय तक हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि किसी भी वादी को बिना किसी सबूत के न्यायाधीश पर फैसला करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, और न्यायाधीश किसी वादी के पूर्वाग्रह के निराधार डर को दूर करने के लिए खुद को मामले से अलग नहीं कर सकते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि 'RSS के प्रोग्राम में जाने से प्रमोशन' मिला?

केजरीवाल के अदालत में जिरह वाले वीडियो पर भी सख्ती

इतना ही नहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से उनकी रिक्यूजल याचिका खारिज होने के बाद अब वे एक वीडियो विवाद में घिर गए। केजरीवाल, उनके कुछ नेताओं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। जिरह से जुड़े वायरल वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।

अदालत में जज पर गंभीर आरोप लगाए

इससे पहले अदालत में जज स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष वकील के रूप में पेश होकर केजरीवाल ने जज पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। केजरीवाल ने कहा था कि जज आरएसएस से जुड़े प्रोग्राम में 4 बार शामिल हुए थे। इसलिए उन्हें डर है कि जज उनके साथ इंसाफ नहीं करेंगे।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।