जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के बहाने राघव चड्ढा को भी जवाब, केजरीवाल ने एक तीर से साधे दो निशाने
अरविंद केजरीवाल मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे। उन्होंने अपने सत्याग्रह के लिए बापू से आशीर्वाद लिया और राघव चड्ढा को भी इशारों में बड़ा संकेत देने की कोशिश की।

आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल मंगलवार को अपने सत्याग्रह के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से आशीर्वाद लेने पहुंचे। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के बहिष्कार को सत्याग्रह का ऐलान करने वाले केजरीवाल ने राजघाट जाकर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। उन्होंने एक तरफ जहां जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ अपने अभियान को नई धार दी तो दूसरी तरफ राघव चड्ढा को भी बड़ा संदेश देने की कोशिश, जिन्होंने हाल ही में उनकी पार्टी में अब तक की सबसे बड़ी तोड़फोड़ को अंजाम दिया है।
दरअसल, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ 'सत्याग्रह' की घोषणा के एक दिन बाद अरविंद केजरीवाल बापू से आशीर्वाद देने के लिए राजघाट पहुंचे। उन्होंने सुबह सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी कि वह दोपहर 12 बजे मनीष सिसोदिया के साथ राजघाट पहुंचेंगे। इन दिनों चौतरफा संकटों से घिरे अरविंद केजरीवाल की इस सूचना पर मीडिया जामावड़ा राजघाट पर लग चुका था। तय समय पर अरविंद केजरीवाल जब वहां पहुंचे तो उनके साथ सिसोदिया, पूर्व सीएम आतिशी के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी के नेता मौजूद थे।
कैसे एक तीर से साधे कई निशाने
राजनीतिक जानकार अरविंद केजरीवाल के राजघाट जाने को एक तीर से कई निशाने साधने वाला कदम बता रहे हैं। एक तरफ जहां केजरीवाल ने जज के खिलाफ अपनी लड़ाई को गांधीवादी रूप देने की कोशिश की तो दूसरी तरफ जिस तरह वह पूरी टीम के साथ राजघाट पहुंचे उसे एकजुटता का संदेश देने का प्रयास माना जा रहा है।

राघव चड्ढा को जवाब, कार्यकर्ताओं को संदेश
दरअसल, ‘आप’ में अब तक की सबसे बड़ी फूट का सूत्रधार बने राघव चड्ढा ने जब संसदीय दल में टूट का ऐलान किया तो उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ भाजपा में विलय कर रहे सात सांसदों के अलावा और भी नेता उनके संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल ने पूरी टीम के साथ राजघाट जाकर राघव चड्ढा को यह जवाब देने की कोशिश की कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। वहीं, आप सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को भी संदेश देने की कोशिश की और उनके मन से आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया है।
केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने महामत्मा गांधी को नमन करते हुए और पूरी टीम के साथ राजघाट की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'आज मनीष जी और अन्य साथियों के साथ राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। मेरी बापू से यही प्रार्थना है कि उनके दिखाए 'सत्याग्रह' के मार्ग पर चलने के हमारे संकल्प को वे सदैव शक्ति दें। मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से, सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।' केजरीवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ ऐसी स्थितियां पैदा हुईं जिनकी वजह से उन्हें सत्याग्रह करना पड़ रहा है। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में ना तो खुद जाएंगे और ना ही उनकी तरफ से कोई वकील पेश होगा। केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी यही ऐलान करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लेटर लिखा है।




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