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जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ ‘सत्याग्रह वाली लड़ाई’, बापू तक ले गए केजरीवाल

दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का बहिष्कार कर इसे सत्याग्रह का नाम देने वाले अरविंद केजरीवाल अपनी शिकायत लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल तक पहुंचे। 

Tue, 28 April 2026 12:35 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ ‘सत्याग्रह वाली लड़ाई’, बापू तक ले गए केजरीवाल

दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का बहिष्कार कर इसे सत्याग्रह का नाम देने वाले अरविंद केजरीवाल अपनी शिकायत लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल तक पहुंचे। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, पूर्व सीएम आतिशी और अन्य नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति पैदा हुई की सत्याग्रह करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ... हम अपने देश की न्यायप्रणाली का बहुत सम्मान करते हैं। आज हम जो आजाद घूम रहे हैं तो उसका कारण केवल हमारी न्याय प्रणाली है। कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जिस कारण हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। हमने सभी बाते उस चिट्ठी में लिखी हैं जो कि हमने जज साहिबा को भेजी है। यह बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए मीडिया में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।'

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केजरीवाल ने सुबह सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी थी कि वह दोपहर 12 बजे मनीष सिसोदिया के साथ बापू का आशीर्वाद लेने के राजघाट जाएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आतिशी मार्लेना के अलावा कई पार्टी नेताओं के साथ राजघाट गए। पहले केजरीवाल-सिसोदिया और फिर अन्य नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सत्याग्रह

दरअसल, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित शराब घोटाले की सुनवाई कर रहीं दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का बहिष्कार किया है। दोनों नेताओं ने इसे अपना सत्याग्रह बताया है। केजरीवाल ने इसे बापू का सुझाया रास्ता बताते हुए कहा कि पहले उन्होंने अपनी बात जस्टिस स्वर्ण कांता के सामने रखी लेकिन जब उन्होंने इन्हें खारिज कर दिया तो उनके पास सत्याग्राह का ही रास्ता बचा था। केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा कि उन्हें जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय की उम्मीद नहीं है।

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क्या हुआ है अब तक

पिछले दिनों केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 नेताओं को ट्रायल कोर्ट ने आरोप मुक्त कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी। केस को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया। अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि केस की सुनवाई किसी और बेंच के सामने हो। उन्होंने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा था। लेकिन इनकार किए जाने के बाद रिक्यूजल याचिका दायर की। याचिका खारिज किए जाने के बाद केजरीवाल ने सत्याग्रह वाली लड़ाई छेड़ दी है। इसके अलावा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करने की बात भी कही है।

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