अखलाक मामले में आरोपियों की केस ट्रांसफर की अपील, वापसी पर पहुंचे हाई कोर्ट
अखलाक मामले में गुरुवार को अदालत में वादी पक्ष की गवाही नहीं हो सकी, क्योंकि आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने अवगत कराया कि केस ट्रांसफर के लिए जिला जज के यहां प्रार्थनापत्र दिया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख निर्धारित की है।

दादरी के बिसाहड़ा गांव के चर्चित अखलाक हत्या मामले में गुरुवार को सुनवाई टल गई। अखलाक की पत्नी इकरामन की गवाही होनी थी लेकिन आरोपी पक्ष के वकील ने बताया कि उन्होंने केस ट्रांसफर के लिए जिला जज के पास आवेदन दिया है। इसके साथ ही सरकार की केस वापसी की अर्जी खारिज होने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की गई है। इन कारणों से बचाव पक्ष ने समय मांगा जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है।
केस ट्रांसफर करने की मांग
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अखलाक मामले में गुरुवार को अदालत में पीड़ित पक्ष की गवाही नहीं हो सकी। आरोपी पक्ष के वकील ने बताया कि केस को दूसरी जगह ट्रांसफर करने के लिए जिला जज के पास आवेदन दिया गया है। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है।
केस वापसी पर हाईकोर्ट में भी अपील
अखलाक पक्ष के वकील यूसुफ सैफी ने बताया कि गुरुवार को अदालत में अखलाक की पत्नी इकरामन की गवाही होनी थी। लेकिन आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि उन्होंने इस केस को किसी दूसरी अदालत में भेजने के लिए जिला जज के पास आवेदन दिया है। इसके लिए उन्होंने अदालत से थोड़ा समय मांगा है। साथ ही सरकार की ओर से केस वापस लेने की अर्जी खारिज होने के खिलाफ हाईकोर्ट में भी अपील की गई है।
वृंदा करात भी पहुंची कोर्ट
अखलाक मामले में गुरुवार को एक नया मोड़ तब आ गया जब माकपा नेता वृंदा करात जिला अदालत पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आरोपियों और सरकार के बीच मिलीभगत दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि जिस तरह से कार्यवाही हो रही है। वह न्याय व्यवस्था का मजाक है।
पूरा मामला
दादरी के बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर 2015 की रात को गोहत्या की खबर फैलने के बाद भीड़ ने अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस हमले में उनके बेटे दानिश को भी बुरी तरह पीटा गया था जिससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया था। मौजूदा वक्त में मामले के सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।




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