AAP troubles set to mount in Delhi as well keeping the party united poses a major challenge दिल्ली में भी बढ़ेगी AAP की दिक्कत, निगम चुनाव में होगा टेस्ट; पार्टी को एकजुट रखना बड़ी चुनौती, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली में भी बढ़ेगी AAP की दिक्कत, निगम चुनाव में होगा टेस्ट; पार्टी को एकजुट रखना बड़ी चुनौती

राघव चढ्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों का आप से विदा लेना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। पंजाब के विधानसभा चुनावों के साथ दिल्ली में भी पार्टी की दिक्कत बढ़ सकती है। बड़े नेताओं के जाने के बाद अब छोटे स्तर पर भी दल बदल बढ़ सकता है। अगले वर्ष दिल्ली नगर निगम चुनावों तक पार्टी को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी।

Sat, 25 April 2026 05:54 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में भी बढ़ेगी AAP की दिक्कत, निगम चुनाव में होगा टेस्ट; पार्टी को एकजुट रखना बड़ी चुनौती

राघव चढ्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों का आम आदमी पार्टी से विदा लेना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। पंजाब के विधानसभा चुनावों के साथ दिल्ली में भी पार्टी की दिक्कत बढ़ सकती है। बड़े नेताओं के जाने के बाद अब छोटे स्तर पर भी दल बदल बढ़ सकता है। अगले वर्ष दिल्ली नगर निगम चुनावों तक पार्टी को राजधानी में एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी।

वर्ष 2025 में आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता से बाहर हुई तो यहां के सभी बड़े नेताओं को पंजाब में लगा दिया गया। आम आदमी पार्टी के बड़े नेता पंजाब का किला बचाने में जुट गए। विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा सांसदों के दल-बदल ने पार्टी को मुसीबत में ला दिया है। अपने गठन के बाद से आप को छोड़ने वाले नेताओं की कमी नहीं रही। लगभग हर वर्ष किसी बड़े नेता ने आम आदमी पार्टी को छोड़ा है, लेकिन पहली बार सात सांसदों की बगावत ने आप के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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दिल्ली से विधायक रहे हैं राघव चड्ढा

दिल्ली से राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल इन सात सांसदों में शामिल हैं। स्वाति अभी तक लगातार आप को निशाने पर रख रही थीं, लेकिन तकनीकी तौर पर आप से अलग नहीं थीं। इसी तरह राघव चढ्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद होने से पहले दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा से विधायक रहे। वह दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे। राघव ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव भी लड़ा। वर्तमान में दिल्ली की सत्ता से बाहर आप के सामने अपने स्थानीय नेताओं को रोकना मुश्किल भरा हो सकता है।

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निगम चुनाव में होगा टेस्ट

आप को अगले वर्ष दिल्ली में निगम चुनाव लड़ना है। विधानसभा चुनाव हारने के बाद निगम में आप के सामने अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है। सांसदों की दलबदल के बाद पार्षद और विधायकों में भी फूट पड़ सकती है। इस पर आप का नेतृत्व नजर रखे हुए है। पार्टी छोड़ने का ऐलान करने वाले सांसदों के करीबियों पर भी नजर रखी जा रही है।

20 दिन में बागी बने

राघव का 20 दिन में पार्टी से बागी बनकर भाजपा में शामिल होने तक का सफर नाटकीय रहा। यह घटनाक्रम 2 अप्रैल को तब शुरू हुआ, जब उन्हें राज्यसभा में पार्टी उपनेता के पद से मुक्त कर दिया गया और अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया। फिर राघव ने खुद को घायल और घातक बताते हुए पार्टी के भीतर चल रहे स्क्रिप्टेड कैंपेन का पर्दाफाश किया। 15 अप्रैल को पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा कम कर दी थी। हालांकि, केंद्र ने उन्हें जेड श्रेणी की केंद्रीय सुरक्षा प्रदान कर दी। शुक्रवार को राजनीतिक दबाव के इस तीव्र घटनाक्रम के बाद राघव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

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