नोएडा के नामी स्कूल में डराने वाली घटना, बस में बंद कर दिया UKG का बच्चा; 7 घंटे तक रोता-चीखता रहा
घर से स्कूल के लिए निकले UKG के बच्चे को बस में नींद लग गई और वह स्कूल में नहीं उतरा और बस के साथ 25 किलोमीटर दूर यार्ड में पहुंच गया। इसके बाद अगले 7 घंटे तक वह उसी बस में फंसा रहा और मदद की गुहार लगाता रहा। बच्चे की मां ने अन्य अभिभावकों को अलर्ट किया है।

नोएडा से एक बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां के एक बेहद प्रतिष्ठित स्कूल में यूकेजी (UKG) क्लास में पढ़ने वाला एक मासूम सुबह स्कूल जाने के लिए बस में सवार हुआ, लेकिन नींद लग जाने की वजह से वह बस में ही सोया रह गया। इसके बाद बस के लापरवाह स्टाफ ने सभी बच्चों के उतरने के बाद बस को चेक किए बिना वाहन को 25 किलोमीटर दूर यार्ड में ले जाकर खड़ा कर दिया। जिसके बाद वह बच्चा भी अगले 6 से 7 घंटे तक भीषण गर्मी में भूखा-प्यासा वहीं पर फंसा रहा और रोते हुए मदद की गुहार लगाता रहा।
उधर स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और कई घंटों तक बेटे के लापता होने की मानसिक यातना झेलने के बाद वे जैसे-तैसे बस के यार्ड तक पहुंचे और उन्हें अपना बच्चा मिल गया। बच्चे की मां ने इस पूरे किस्से को सोशल मीडिया पर शेयर किया है और अन्य अभिभावकों से अलर्ट रहते हुए बच्चों की सुरक्षा में जरा सी भी कोताही नहीं बरतने की अपील की है।
बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर शेयर किया दर्द
सोशल मीडिया पर लिखी वायरल पोस्ट में अन्य अभिभावकों को संबोधित करते हुए बच्चे की मां ने लिखा, 'यह पोस्ट मैं यह एक बहुत दुखी माँ के तौर पर लिख रही हूँ। आज सुबह, मैंने खुद अपने बेटे को स्कूल बस में बिठाया था। मैंने उसे चढ़ते देखा, हाथ हिलाकर बाय किया, और किसी भी सामान्य दिन की तरह घर वापस आ गई। जब दोपहर में बस वापस आई और उसे लेने के लिए मैं अपनी सोसाइटी के गेट पर गई, तो वह वहां पर नहीं था।'
स्कूल वालों ने जो कहा, उससे बढ़ गई घबराहट
आगे महिला ने लिखा, 'बच्चे के घर नहीं आने पर हमने तुरंत स्कूल को फोन किया। लेकिन उन्होंने जो बताया उसे सुनकर हमारे दिल की धड़कनें बढ़ गईं। हमें बताया गया कि वह आज स्कूल ही नहीं पहुंचा था और क्लास के अटेंडेंस रजिस्टर में भी उसे अनुपस्थित मार्क किया गया था। हालांकि, बस के अटेंडेंस रजिस्टर में उसे उपस्थित बताया गया था।'
'स्कूल नहीं जाने पर आता है मैसेज, लेकिन आज नहीं आया'
आगे उन्होंने बताया, 'स्कूल की तरफ से हमें किसी ने नहीं बताया था कि वह आज स्कूल नहीं आया है और ट्रांसपोर्ट (बस स्टाफ) से भी किसी ने यह नहीं बताया था कि वह नीचे नहीं उतरा। आमतौर पर जब वह स्कूल नहीं जाता है तो हमें इस बारे में मैसेज आ जाता है लेकिन आज हमें ऐसा कोई मैसेज भी नहीं मिला। ऐसे में मेरा बेटा घंटों तक स्कूल नहीं पहुंचा था और किसी को भी यह नहीं पता था कि वह कहां है।'

'ना कोई कुछ बता रहा था, ना जिम्मेदारी ले रहा था'
महिला ने आगे लिखा, 'इसके बाद हम उसकी खोज में घबराते हुए भागकर स्कूल गए। हर जगह कन्फ्यूजन था। कोई साफ जवाब नहीं दे रहा था और ना ही कोई किसी तरह की जिम्मेदारी लेने को तैयार था। माता-पिता के तौर पर हम जिस मानसिक दशा से गुजर रहे थे, उस बारे में तो कुछ भी बताया नहीं जा सकता।'
7 घंटे बाद बच्चा 25 किलोमीटर दूर बस में रोता हुआ मिला
परिजनों की घंटों की भागदौड़ और स्कूल में मचे हंगामे के बाद, आखिरकार वह बच्चा उन्हें स्कूल से लगभग 25 किलोमीटर दूर, नोएडा के एक दूर-दराज के इलाके में बस पार्किंग यार्ड में मिला। महिला ने बताया कि ‘वह लगभग 6-7 घंटे तक बस के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी में बिल्कुल लावारिस हालत में रहा। जब वह हमें मिला तो पसीने से लथपथ और घबराया हुआ था, साथ में वह रो भी रहा था।’
बच्चे की मां ने लिखा- हमने जो कुछ भी झेला उसे बता नहीं सकते
बच्चे की मां ने आगे बताया, 'जब आपको यह न पता हो कि आपका बच्चा कहां है, वह सुरक्षित है भी या नहीं, या कहीं कुछ ऐसा तो नहीं हो गया कि जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। बच्चे के लापता रहने के दौरान डर और लाचारी में बीते उन घंटों को मैं शब्दों में बयां तक नहीं कर सकती।'
अन्य अभिभावकों से की अलर्ट रहने की अपील
महिला ने आगे बताया, 'मैं यह इसलिए शेयर कर रही हूं ताकि हर अभिभावक ज्यादा से ज्यादा सावधान रहें।'अन्य अभिभावकों को अलर्ट करने के उद्देश्य से अपनी पोस्ट में बच्चे की मां ने मुख्य रूप से चार अपील कीं। उन्होंने लिखा...
- कृपया खुद पक्का करें कि आपका बच्चा सुरक्षित रूप से बस में चढ़े और उतरे।
- अगर आपका बच्चा स्कूल नहीं पहुंचता है, तो आपको तुरंत बताया जाना चाहिए।
- कृपया पक्का करें कि बच्चों के उतरने के बाद हर बस की फिजिकल जांच हो।
- बस अटेंडेंस और क्लास अटेंडेंस का रियल टाइम में मिलान किया जाना चाहिए।
आगे महिला ने लिखा कि यह बेसिक चाइल्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल में एक गंभीर चूक थी और किसी भी पेरेंट को इससे नहीं गुजरना चाहिए। कृपया अलर्ट रहें। हमारे बच्चे पूरी तरह से इस सिस्टम पर और हम पर निर्भर हैं।




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