पिता ने नाबालिग बेटी का बार-बार किया था रेप, दिल्ली के कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहारावत ने 37 वर्षीय दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और दुष्कर्म का दोषी पाए जाने के बाद सजा सुनाई। कोर्ट ने उसे “जीवन भर यानी प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि तक” जेल में रहने का आदेश दिया।

दिल्ली की एक अदालत ने अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी से कई बार दुष्कर्म करने के दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी ने इंसानियत के सबसे पवित्र रिश्ते को शर्मनाक तरीके से तार-तार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहारावत ने 37 वर्षीय दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और दुष्कर्म का दोषी पाए जाने के बाद सजा सुनाई। कोर्ट ने उसे “जीवन भर यानी प्राकृतिक जीवन की शेष अवधि तक” जेल में रहने का आदेश दिया।
आरोपी रियायत का हकदार नहीं
सजा पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार ने कहा कि आरोपी किसी भी तरह की रियायत का हकदार नहीं है, क्योंकि उसके काम ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। “दोषी ने मानवता के सबसे पवित्र रिश्ते को शर्मनाक तरीके से तोड़ा है। अपराध इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि उसने पीड़िता के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।” कोर्ट ने साफ कहा कि चूंकि आरोपी पीड़िता का पिता है, इसलिए उसके साथ सख्ती से निपटना जरूरी है।
पीड़िता को 10.5 लाख रुपये मुआवजा
मुआवजे पर विचार करते हुए अदालत ने कहा कि पीड़िता अब भी मानसिक आघात से गुजर रही है और वह भयावह यादों से घिरी हुई है। इसे मुआवजे के लिए उपयुक्त मामला मानते हुए अदालत ने पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध न सिर्फ पीड़िता के जीवन को गहरे घाव देते हैं, बल्कि समाज की नैतिक नींव को भी कमजोर करते हैं।




साइन इन