दिल्ली-NCR में यात्रा अनुभव बदल देंगी ये 7 सड़क परियोजनाएं, इन रूटों पर खत्म होगा जाम
Delhi Road Projects : दिल्ली सरकार ट्रैफिक जाम से निपटने को केंद्र के साथ मिलकर सात परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनके पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी तो बेहतर होगी। इनमें नए एक्सप्रेसवे, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर और नए संपर्क मार्ग बनाने की योजना शामिल है।

दिल्ली में आए दिन लगने वाला ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार अब केंद्र के साथ मिलकर कई अहम परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनमें नए एक्सप्रेसवे, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर और नए संपर्क मार्ग बनाने की योजना शामिल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि भविष्य को ध्यान में रखकर सात परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनके पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी तो बेहतर होगी ही, जाम से भी निजात मिलेगी।
1. यूईआर-2 एक्सटेंशन से दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे जुड़ेंगे
● खासियत : 17 KM लंबा यह 6 लेन रोड ट्रॉनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से जोड़ेगा।
● फायदा : इससे आईजीआई एयरपोर्ट, बारापुला नाला, मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर और आश्रम-बदरपुर मार्ग पर गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा। द्वारका, रोहिणी, पंजाबी बाग और गुरुग्राम के लोग सीधे देहरादून एक्सप्रेसवे पर आ जा सकेंगे।
● लक्ष्य : दिसंबर 2026 तक कार्य शुरू करने की योजना है। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा
2. एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर
● खासियत : 20 KM लंबा यह 6 लेन कॉरिडोर एम्स, आईएनए, हौज खास, वसंत कुंज, महिपालपुर और गुरुग्राम को एक धागे में पिरोएगा।
● फायदा : धौला कुआं, महरौली-गुरुग्राम रोड और आरटीआर मार्ग का यातायात सुव्यवस्थित करेगा। एरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी जाने वाले यात्रियों को बिना रुके सफर की सुविधा मिलेगी।
● लक्ष्य : अप्रैल 2027 तक काम शुरू करने की योजना।
3. एक्सप्रेसवे से नोएडा-फरीदाबाद आना-जाना आसान
● खासियत : 65 KM लंबा यह 6 लेन प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा।
● फायदा : इससे लोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद को तेज संपर्क सुविधा मिलेगी। कालिंदी कुंज, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड पर दबाव घटेगा
● लक्ष्य : दिसंबर 2026 तक कार्य शुरू करने की तैयारी है।
4. यूईआर-2 सर्विस रोड से जुड़ेंगे दिल्ली के कई इलाके
● खासियत : यूईआर-2 के दोनों ओर 19 KM लंबी 2 लेन की सेकेंडरी सर्विस रोड विकसित की जाएगी। इससे मुख्य मार्ग पर जाम कम होगा और तेज गति वाले कॉरिडोर की क्षमता बेहतर होगी।
● फायदा : स्थानीय निवासियों, मार्केट और रिहायशी इलाकों को मुख्य हाईवे पर जाए बिना सुरक्षित रास्ता मिलेगा। इससे एक्सप्रेसवे की स्पीड भी प्रभावित नहीं होगी, हादसे रुकेंगे।
● लक्ष्य : 121 करोड़ रुपये इसके लिए स्वीकृत हो चुके हैं। जल्द कार्य शुरू होगा।
5. शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग : सुरंग सफर आसान करेगी
● खासियत : द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक बनने वाली यह 8 KM लंबी 6 लेन सुरंग पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगी। इसे केंद्र सरकार की पीपीपीएसी से मंजूरी मिल चुकी है।
● फायदा : महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं का जाम खत्म जाएगा। एयरपोर्ट जाने वाले राव तुला राम मार्ग पर ट्रैफिक का लोड घटेगा और साउथ दिल्ली से गुरुग्राम आना-जाना आसान होगा।
● लक्ष्य : जल्द काम शुरू हो सकता है। बजट स्वीकृत हो चुका है।
6. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से जुडे़गा एयरपोर्ट मार्ग
● खासियत : 17 KM लंबी इस 6 लेन रोड परियोजना के तहत दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले यातायात को यूईआर-2 और द्वारका एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली, गुरुग्राम और आईजीआई एयरपोर्ट तक सीधा संपर्क मिलेगा।
● फायदा : इस मार्ग से भारी वाहनों का बेहतर डायवर्जन होगा, दिल्ली-एनसीआर में जाम कम होगा और मालवाहक परिवहन अधिक सुचारू बनेगा।
● लक्ष्य : मार्च 2027 तक कार्य शुरू करने की योजना।
7. कालिंदी कुंज इंटरचेंज : नोएडा-फरीदाबाद कम समय में पहुंचेंगे
● खासियत : ओखला बैराज के पास बनने वाला यह 6 लेन इंटरचेंज व फ्लाईओवर 500 मीटर लंबा होगा। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार किया गया है।
● फायदा : कालिंदी कुंज पर लगने वाले भीषण जाम का स्थायी समाधान होगा। नोएडा, जसोला, सरिता विहार और फरीदाबाद के बीच आवाजाही करने वालों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी।
● लक्ष्य : अक्टूबर 2026 तक कार्य शुरू करने की तैयारी।




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