गुरुग्राम के 80 सरकारी स्कूलों की 6 हजार छात्राओं को मिलेगा दूध और प्रोटीन बार
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली नौवीं कक्षा से 12वीं कक्षा की छात्राओं को पहली बार दूध और प्रोटीन बार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत स्कूलों में अप्रैल 2026 से इस योजना की शुरुआत होगी। गुरुग्राम के 80 सरकारी स्कूलों में करीब छह हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली नौवीं कक्षा से 12वीं कक्षा की छात्राओं को पहली बार दूध और प्रोटीन बार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत स्कूलों में अप्रैल 2026 से इस योजना की शुरुआत होगी। गुरुग्राम के 80 सरकारी स्कूलों में करीब छह हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।
इस बारे में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल और कक्षा के हिसाब से खाका तैयार किया है। अधिकारियों से कहा गया है कि डिमांड को सत्यापित कर 16 मार्च तक विभाग की ई-मेल पर भेजना सुनिश्चित करें। यदि किसी स्कूल की डिमांड में बदलाव हो तो उसे एक्सल शीट में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए।
पहली बार चार कक्षाओं में लागू होगी योजना
सेक्टर-4/8 के पीएम श्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल के टीजीटी गणित शिक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि पहली बार सरकारी स्कूलों की चार कक्षाओं नौवीं से 12वीं तक में यह योजना लागू होगी। जिले के 90 स्कूलों की छात्राओं को 75 दिन फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध और 75 दिन प्रोटीन मिल्क बार दिया जाएगा।
प्रति छात्रा को 200 ग्राम दूध सप्ताह में चार दिन मिलेगा
मनोज शर्मा ने कहा कि योजना के तहत सप्ताह में चार दिन तक प्रति छात्रा को 200 ग्राम (लगभग एक गिलास) दूध देने से कई महत्वपूर्ण फायदे मिल सकते हैं। खासकर बढ़ती उम्र में यह और भी आवश्यक है। यदि किसी बच्चे को दूध से एलर्जी या पाचन समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। दूध में कैल्शियम और विटामिन डी होता है, जो हड्डियों की मजबूती और लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।
अभी एक से आठवीं के बच्चों को मिलता है मिड डे मील
गुरुग्राम के स्कूलों में एक से आठवीं कक्षा तक बच्चों को मिड-डे मील मिलता है। इसमें 450 स्कूलों में करीब 80 छात्र है। प्राथमिक स्कूलों में 480 कैलोरी/13 ग्राम प्रोटीन और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 700 कैलोरी/20 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन होता है। इसमें पौष्टिकता का ध्यान रखा जाता है। छात्रों को मील दोपहर में दिया जाता है।




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