कांग्रेस को 'खेला' का डर! राज्यसभा चुनाव से पहले हरियाणा के विधायकों को हिमाचल शिफ्ट करने की तैयारी
कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो विधायकों को हिमाचल ले जाने के लिए दो लग्जरी बसों की बुकिंग की गई है। इन बसों के जरिए ही सभी विधायकों को हिमाचल प्रदेश के गोपनीय और सेफ जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश पहुंचते ही इन बसों को पुलिस के द्वारा सुरक्षा दी जाएगी।

राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा कांग्रेस को खेला होने का डर है। इसी वजह से पार्टी हरसंभव एहतियात बरत रही है। गुरुवार को पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की चंडीगढ़ स्थित कोठी पर हरियाणा कांग्रेस विधायकों का लंच रखा गया है। इस लंच के दौरान ही विधायकों को सेफ जगह शिफ्ट करने की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायकों 5 दिन की तैयारी के साथ ही इस लंच में आने को कहा गया है ताकि 4-5 दिन शिफ्टिंग के दौरान उन्हें कोई दिक्कत न आए। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस विधायकों को हिमाचल शिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है। हिमाचल में इसलिए क्योंकि वहां कांग्रेस की ही सरकार है।
हिमाचल ले जाने को लग्जरी बसें बुक
कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो विधायकों को हिमाचल ले जाने के लिए दो लग्जरी बसों की बुकिंग की गई है। इन बसों के जरिए ही सभी विधायकों को हिमाचल प्रदेश के गोपनीय और सेफ जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश पहुंचते ही इन बसों को पुलिस के द्वारा सुरक्षा दी जाएगी और पूरे प्रोटोकाल के जरिए उन्हें रिजॉर्ट में शिफ्ट किया जाएगा। पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र भी साथ जाएंगे। वहीं, कांग्रेस की महिला विधायकों के लिए हिमाचल कांग्रेस सरकार फैमिली सुइट में परिवार सहित रुकने का इंतजाम किया गया है। विधायक विनेश फोगाट हुड्डा के लंच में जरूर शामिल होंगी, यहीं तय होगा कि वह हिमाचल प्रदेश जाएंगी या नहीं।
गायब विधायकों से हाईकमान की नींद उड़ी
दो दिन पहले चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय में हुई विधायक दल की मीटिंग से गायब पांच विधायक गायब रहे। इससे हाईकमान की नींद उड़ी हुई है। हालांकि गायब रहने वाले विधायकों ने इसकी वजह व्यस्तता बताई थी। गायब रहने वालों में जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट, कुलदीप वत्स, भरत सिंह बेनीवाल, सांसद रणदीप सुर्जेवाला के बेटे आदित्य सुर्जेवाला और लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा के करीबी चंद्र मोहन शामिल थे।
भाजपा करवाएगी अपने विधायकों की वोटिंग प्रेक्टिस
भाजपा एक बार फिर पुरानी कहानी दोहराने के लिए किलेबंदी में जुटी है। 16 मार्च को होने वाले मतदान में कोई गलती न हो, इसके लिए भाजपा ने अपने सभी विधायकों को वोट डालने का अभ्यास कराने की योजना बनाई है। सभी विधायकों को 14 से 16 मार्च तक चंडीगढ़ में रहने के लिए कहा गया है। भाजपा पहले ही गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को पर्यवेक्षक बना चुकी है। खुद मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चुनावी कमान संभाली हुई है।
यह है चुनावी गणित
90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 48 विधायकों के साथ तीन विधायकों का भी समर्थन है, जबकि कांग्रेस के 37 विधायक हैं। इस गणित से दोनों पार्टियों के खाते में एक-एक सीट आनी चाहिए, लेकिन पिछले चुनावों में खेला हो चुका है। भाजपा के संजय भाटिया की जीत एक तरह से पक्की है, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल के बीच मुकाबले को लेकर गुणा-भाग हो रहा है। कांग्रेस विधायकों में क्रास वोटिंग और इनेलो के दो विधायकों के समर्थन की सूरत में नांदल यह सीट निकाल सकते हैं। वर्ष 2016 के स्याही कांड में कांग्रेस के 14 वोट रद्द होने से जहां भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा राज्यसभा पहुंच गए थे, वहीं 2022 में भी राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग के सहारे कांग्रेस के अजय माकन को हराया था।
रिपोर्ट: मोनी देवी
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