6 लेन और 7 फ्लाईओवर, दिल्ली के रोहतक रोड को जाम फ्री बनाने को NHAI बना रहा नया प्लान
दिल्ली में रोहतक रोड पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। योजना के तहत सड़क को 6 लेन का किया जाएगा और 7 प्रमुख क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात सुगम होने के साथ यात्रा के समय में भी कमी आएगी।

दिल्ली में रोहतक रोड पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। योजना के तहत सड़क को 6 लेन का किया जाएगा और 7 प्रमुख क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात सुगम होने के साथ यात्रा के समय में भी कमी आएगी।
फ्लाईओवर बनने के बाद टिकरी बॉर्डर की ओर जाने वाले वाहन बिना रुके सीधे निकल सकेंगे, जबकि मुड़ने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से यू-टर्न ले सकेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस योजना के अनुरूप विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। छह माह के भीतर डीपीआर तैयार होने की संभावना है।
अक्टूबर तक इस सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी के पास थी। नवंबर में पंजाबी बाग अंडरपास से टिकरी बॉर्डर तक 18.5 किलोमीटर लंबे हिस्से को एनएचएआई के हवाले कर दिया गया। अभी यहां चार लेन की सड़क है।

मेट्रो के कारण एलिवेटेड मार्ग नहीं बनेगा
एनएचएआई ने सड़क के एक हिस्से को एलिवेटेड बनाने पर भी विचार किया था, लेकिन मेट्रो की ग्रीन लाइन इसमें बाधा बन गई। मेट्रो लाइन सड़क के सेंट्रल वर्ज पर होने के कारण क्रॉसिंग को सिग्नल-फ्री करने के लिए फ्लाईओवर निर्माण ही विकल्प है। हर फ्लाईओवर की लंबाई अलग-अलग होगी, जो 400 मीटर से लेकर 1.25 किलोमीटर तक हो सकती है।
इन्हें मिलेगा लाभ
परियोजना से उत्तर-पश्चिमी और पश्चिमी दिल्ली के न्यू मुल्तान नगर, पीतमपुरा, त्रिनगर, मादीपुर, पश्चिम विहार, वेस्ट पीरागढ़ी, उद्योग नगर, नांगलोई, राजधानी पार्क, मुंडका और घेवरा के निवासियों को लाभ मिलेगा।
धूल मुक्त होंगी प्रमुख सड़कें
वहीं, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सड़कों को धूल मुक्त बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार मार्गों को मॉडल रोड के रूप में विकसित करेगा। अधिकारी ने बताया कि अभी इस काम के लिए सड़कों को चिह्नित किया जाएगा। फिर उनकी मरम्मत और हरियाली बढ़ाने का काम होगा। इस वर्ष 160 किलोमीटर लंबी सड़कों को पक्का करने का लक्ष्य है। हरियाली विकसित करने के लिए 85.70 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग की पहचान की गई है।




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