नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बन सकेंगे 50,000 फ्लैट, बजट में स्वामी फंड-2 के तहत 15 हजार करोड़ मंजूर
गौतमबुद्धनगर जिले में अटकी पड़ी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के काम को रफ्तार मिलेगी। काम में तेजी लाने के लिए रविवार को पेश किए गए बजट में स्वामी फंड-2 के तहत 15 हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।

गौतमबुद्धनगर जिले में अटकी पड़ी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के काम को रफ्तार मिलेगी। काम में तेजी लाने के लिए रविवार को पेश किए गए बजट में स्वामी फंड-2 के तहत 15 हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की अलग-अलग परियोजनाओं में 50 हजार से अधिक फ्लैट बन सकेंगे।
देश के कई हिस्सों में ग्रुप हाउसिंग की परियोजनाएं अटकीं
स्वामी फंड-1 के तहत 20 हजार करोड़ रुपये का बजट देने की घोषणा की गई थी। अब यह बजट खत्म हो चुका है। इसके बाद अभी भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत देश के कई हिस्सों में ग्रुप हाउसिंग की परियोजनाएं फंसी हुई हैं। लोगों को फ्लैट नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी नोएडा-ग्रेटर नोएडा की फंसी परियोजनाओं को लेकर है। देशभर में फ्लैट खरीदारों की परेशानी को देखते हुए बजट में रविवार को घोषणा की गई है।
जानकारी के मुताबिक, नोएडा में अभी स्वामी फंड के अंतर्गत किसी परियोजना को लाभ नहीं मिला है। सिक्का बिल्डर की एक परियोजना को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया चल रही है। अभी इसकी प्रक्रिया रेरा में चल रही है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में करीब आठ परियोजनाएं हैं, जिनको स्वामी फंड का फायदा मिला, लेकिन अभी बजट की और जरूरत है।
ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-16 स्थित पंचशील ग्रीन्स-2 के लिए करीब 249 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इससे करीब 1300 लोगों के फ्लैट बनकर तैयार हो चुके हैं। सेक्टर-एक में स्थित कैपिटल एथेना के लिए 165 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इससे 1100 फ्लैट का काम फिर से शुरू हो गया है। इस परियोजना में करीब 13 साल से काम रुका हुआ था। सेक्टर-10 स्थित सिक्का ईको ग्रीन बिल्डटेक परियोजना के लिए 207 करोड़ रुपये मिले थे। इससे करीब एक हजार घर खरीदारों को मदद मिली।
सेक्टर-10 में ही स्थित सिक्का काम्या ग्रीन्स सोसाइटी के आठ टावरों को फूरा करने के लिए स्वामी फंड मिला, जिसमें टाटा प्रोजेक्टस की भागीदारी से निर्माण किया गया। सेक्टर-एक की रिदम काउंटी परियोजना को भी फंड मिलने से नौ टावर बनकर तैयार किए गए। स्काईटेक कलर्स एवेन्यू परियोजना के लिए 2023 में फंड मिला। इसके अलावा नोबल बिल्डटेक परियोजना के लिए 300 करोड़ मिले। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्थित आम्रपाली की छह परियोजनाओं में स्वामी फंड भी दिया गया था। नोएडा के सीईओ कृष्णा करुणेश और ग्रेनो के सीईओ एनजी रवि का कहना है कि जल्द ही डेटा सेंटर के भूखंडो की योजना लाई जाएगी।
निवेश को बढ़ावा मिलेगा
बजट में बुनियादी ढांचे पर 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन और सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए ट्रस्ट बनाया गया है। बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट बनाने की घोषणा की गई है। इंफ्रास्टक्चर रिस्क गारंटी फंड की भी घोषणा की गई है। इससे दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर के बाजारों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके शुरू होने से बड़ी परियोजनाओं में निवेश का जोखिम कम होगा।
उद्योग का दर्जा देने की मांग पूरी नहीं हो सकी
रविवार को बजट में रियल एस्टेट को सीधे तौर पर कुछ नहीं मिला। रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देने, होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा 2 से बढ़ाकर 5 लाख करने, किफायती आवास की परिभाषा बदलने समेत अन्य मांगें थे लेकिन इनमें से कोई एक भी घोषणा बजट में नहीं हुई।
गाजियाबाद : परियोजनाएं पूरी होंगी
गाजियाबाद। आम बजट से रियल एस्टेट को अप्रत्यक्ष रूप से कई महत्वपूर्ण फायदे होंगे। इस सेक्टर से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि खरीदार भी बाजार में आएंगे। बंद पड़े आवासीय प्रोजेक्ट भी शुरू हो सकेंगे। ओरायन 132 के डायरेक्टर दुष्यंत सिंह बताते हैं कि यह बजट निवेश के हिसाब से अच्छा है। बजट से रियल एस्टेट को लंबी अवधि में फायदे और निवेश मिलने की उम्मीद है। बंद पड़ी परियोजनाएं भी शुरू हो सकेंगी। केएडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन ने बताया कि इस बजट से आवासीय परियोजनाओं के पूर्ण होने की गति तेज होगी और घर खरीददारों का विश्वास बहाल होगा।
गुरुग्राम: 20 प्रोजेक्ट फिर शुरू होंगे
गुरुग्राम। वित्त मंत्री सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को नई उड़ान मिलेगी। गुरुग्राम में 20 से अधिक आवासीय परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। बजट में किए गए प्रावधान से पुरानी परियोजनाओं को पूरा करने और नए प्रोजेक्ट को शुरू करने में मदद मिलेगा। अब तक बड़ी परियोजनाओं के निर्माण के दौरान जोखिम होने को लेकर बैंक और निवेशक डरते थे, लेकिन यह फंड कर्ज देने वाले बैंकों को गारंटी देगा। सिग्नेचर ग्लोबल इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि इससे बड़ी परियोजनाओं को ऋण दिया जा सकेगा।
फरीदाबाद : निवेशकों के लिए राहत
फरीदाबाद। बजट में किए गए प्रावधान से खासतौर पर ग्रेटर फरीदाबाद में वर्षों से अटकी आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाएं अब फिर से शुरू हो सकेंगी। इससे न सिर्फ निवेशकों के फंसे करोड़ों रुपये निकलने की राह खुलेगी, बल्कि निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भूमिका ग्रुप के सीएमडी, उद्धव पोद्दार का कहना है कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार ध्यान देना, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में, रियल एस्टेट के लिए अच्छा संकेत है। प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे। नियोलिव के फाउंडर एंड सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा कि इससे नए निवेश के अवसर भी पैदा होंगे।




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