320 KMPH की होगी स्पीड, दिल्ली को मिले रेल वाले तोहफे से UP-बिहार को भी फायदा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट में दिल्ली के लिए जो सबसे बड़ी घोषणा की है, वह हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर है। उन्होंने देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट में दिल्ली के लिए जो सबसे बड़ी घोषणा की है, वह हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर है। उन्होंने देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। इन दोनों कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से लेकर सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड ट्रेन सेवा उपलब्ध होगी। दिल्ली और पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार के लोगों को भी बड़ा फायदा होगा। दिल्ली से वाराणसी के बीच की दूरी यह ट्रेन लगभग 3.5 घंटे में तय करेगी।
हाईस्पीड कॉरिडोर की हुई घोषणा में से दो का लाभ सीधे दिल्लीवालों को मिलेगा। इनमें से पहला कॉरिडोर दिल्ली से वाराणसी, जबकि दूसरा कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच का है। यह दोनों कॉरिडोर अलग-अलग समय पर बनेंगे, लेकिन पूरी तरह तैयार होने के बाद यह आपस में जुड़ जाएंगे। इनके जुड़ने से दिल्ली से सिलीगुड़ी (1500 किलोमीटर) तक का सफर लगभग सात घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वाराणसी से सिलीगुड़ी का कॉरिडोर बिहार से भी होकर गुजरेगा, ऐसे में यूपी के साथ बिहार के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। दिल्ली से यूपी-बिहार दिल्ली से यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल का सफर महज कुछ ही घंटों में हो जाएगा।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि दिल्ली से वाराणसी के बीच लगभग 800 किलोमीटर की दूरी है। अभी के समय में वंदेभारत ट्रेन से यह सफर लगभग 8 घंटे में पूरा किया जाता है। लेकिन हाईस्पीड कॉरिडोर की क्षमता 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। इस पर दौड़ने वाली ट्रेन अधिकतम 3.5 घंटे में यह सफर पूरा कर लेगी।
विमान से कुछ ही ज्यादा समय लगेगा
विमान से यह दूरी तय करने में लगभग एक घंटा लगता है, लेकिन इसके लिए एयरपोर्ट पर एक से डेढ़ घंटा पहले यात्री को जाना पड़ता है। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पास किया गया दूसरा कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच होगा जिसकी लंबाई लगभग 700 किलोमीटर होगी। हाईस्पीड ट्रेन द्वारा यह दूरी भी अधिकतम 3.5 घंटे में पूरी कर ली जाएगी।
दिल्ली से उत्तर पूर्व जाना भी होगा आसान
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कॉरिडोर बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसके बनने से दिल्ली से उत्तर-पूर्व तक जाना आसान हो जाएगा। अभी के समय में यह दूरी तय करने में रेलगाड़ी से कई बार 24 घंटे से ज्यादा समय लगता है। लेकिन इस कॉरिडोर के बनने से यह दूरी एक तिहाई से भी कम समय में तय होगी। इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा।
दिल्ली को मिले 1348 करोड़
केंद्र ने वर्ष 2026-27 के बजट में दिल्ली के लिए 1348 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें आपदा प्रबंधन एवं सिख दंगा पीड़ितों के लिए राहत राशि शामिल है। इसके अलावा बढ़ी हुई राशि से पानी एवं सीवर को लेकर काम किया जाएगा।




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