दिल्ली में कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, 2 लोगों की जलकर मौत, 3 बुरी तरह झुलसे
दमकल विभाग की छह गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर भेजी गईं। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, क्योंकि प्लॉट में बड़ी मात्रा में ऐसा कबाड़ा पड़ा था, जो आसानी से और तेजी से जलता है। इसमें कार्डबोर्ड और कार्टन भी शामिल थे।

दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में मंगलवार को एक कबाड़ रखने वाली जगह पर भीषण आग लगने से 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आग एक खाली प्लॉट में लगी थी, जहां टिन शेड लगाकर कबाड़ को स्टोर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, आग की चपेट में आए सभी लोग मौके पर ही रह रहे थे। ये लोग कबाड़ बीनने का काम करते थे।
दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंची
पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह आग लगने की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। दमकल विभाग की छह गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर भेजी गईं। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, क्योंकि प्लॉट में बड़ी मात्रा में ऐसा कबाड़ा पड़ा था, जो आसानी से और तेजी से जलता है। इसमें कार्डबोर्ड और कार्टन भी शामिल थे।
काफी मुश्किल से आग पर पाया काबू
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान पांच लोग झुलसी हालत में मौके से निकाले गए। सभी को इलाज के लिए जहांगीरपुरी स्थित बाबू जगजीवन राम मेमोरियल (BJRM) अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बीरेश और सतीश को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य घायलों का इलाज जारी है।
सभी पांचों लोग बिहार के नालंदा निवासी हैं
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि सभी पांचों व्यक्ति बिहार के नालंदा जिले के निवासी हैं। वे पीतमपुरा गांव स्थित इस खाली प्लॉट में बनाए गए टिन शेड में रह रहे थे और आसपास के बाजारों से कबाड़ इकट्ठा कर उसे बेचने का काम करते थे।
टिन शेड जलकर हुए खाक
घायलों में शामिल दिनेश ने पुलिस को बताया कि आग लगने के बाद उसने बीरेश और सतीश को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें और घना धुआं इतना ज्यादा था कि उसे पीछे हटना पड़ा। पुलिस के अनुसार, प्लॉट में कुल चार टिन शेड बने हुए थे, जिनमें से दो पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि दो अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जांच के लिए नमूने जुटाए। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।




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