18 विभागों पर दिल्ली जल बोर्ड का 63019 करोड़ का पानी बिल बकाया; किसकी कितनी उधारी?
जैसे-जैसे बकाया बिल में इजाफा हो रहा है जल बोर्ड के लिए गंभीर वित्तीय संकट पैदा होता जा रहा है। जानिए इस बकाया राशि में केंद्र और राज्य में किसकी भागीदारी ज्यादा है।

सरकारी फाइलों की रिपोर्ट में सामने आया है कि केंद्र और राज्य सरकार के अठारह विभागों पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) का 63,019 करोड़ रुपये का पानी का बिल बकाया है। जैसे-जैसे बकाया बिल में इजाफा हो रहा है जल बोर्ड के लिए गंभीर वित्तीय संकट पैदा होता जा रहा है। जानिए इस बकाया राशि में केंद्र और राज्य में किसकी भागीदारी ज्यादा है।
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने पहले बोर्ड के सामने 1.42 लाख करोड़ रुपये तक के बकाया भुगतानों के कारण वित्तीय संकट का मुद्दा उठाया था। इसमें कॉमर्शियल और घरेलू केटेगरी वाले उपभोक्ता शामिल हैं। दस्तावेज़ में कहा गया है कि कुल मिलाकर, राज्य के विभागों पर लगभग 33,295 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार के विभागों पर लगभग 29,723 करोड़ रुपये का पानी का बिल बकाया है। इस तरह कुल मिलाकर 63,019 करोड़ रुपये का पानी का बिल बकाया है।
सबसे ज़्यादा बकायादारों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) है, जिस पर 26,147 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके बाद रेलवे का नंबर आता है, जिस पर 21,530 करोड़ रुपये का पानी का बिल बकाया है। एक सरकारी दस्तावेज़ में कहा गया है कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग पर डीजेबी का 6,684 करोड़ रुपये और दिल्ली पुलिस पर 6,097 करोड़ रुपये का बिल बकाया है।
वर्मा ने कहा, पानी सबकी साझा जिम्मेदारी है। इसकी लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए सबकी साझा कोशिशों की जरूरत है। बकाया बिल की वजहों से पैदा हुई वित्तीय बाधाओं को दूर करने से शहर के जल ढाँचे को बनाए रखने और बेहतर बनाने की हमारी क्षमता में खासा बढ़ोतरी होगी।




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