गुरुग्राम के पालम विहार में मकानें सील होंगी, खरीद-फरोख्त पर भी रोक; रजिस्ट्रियों की जांच होगी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने गुरुग्राम के पालम विहार कॉलोनी में 11 मकानों को खाली करवाकर सील करने के आदेश जारी किए हैं। इन फ्लैट की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिजली और पानी का कनेक्शन काटने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने गुरुग्राम के पालम विहार कॉलोनी में 11 मकानों को खाली करवाकर सील करने के आदेश जारी किए हैं। इन फ्लैट की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है। बिजली विभाग और नगर निगम को बिजली और पानी का कनेक्शन काटने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पिछले साल पालम विहार की सी-टू ब्लॉक की आरडब्ल्यूए ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने एक प्लॉट पर चार परिवारों के रहने के लिए मकान बनाने के लिए नक्शे मंजूर किए थे और कब्जा प्रमाण पत्र जारी किया था। प्लॉट मालिकों ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर एक मकान में 16 से 24 फ्लैट बना डाले। स्टिल्ट पार्किंग क्षेत्र में भी फ्लैट बनाकर बेच डाले हैं।
पार्किंग व्यवस्था भी बिगड़ी
इसकी वजह से पानी, बिजली और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं पर गहरा असर पड़ा है। पार्किंग व्यवस्था भी बिगड़ गई है। इस याचिका पर सुनवाई के बाद पिछले साल दो मई को उच्च न्यायालय ने आरडब्ल्यूए को आदेश जारी किए थे कि वे नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक को एक नई शिकायत दें। पिछले साल 10 जुलाई को आरडब्ल्यूए ने निदेशक कार्यालय में एक शिकायत दी थी। गत 13 मार्च को इस मामले में सुनवाई थी।
4 की जगह 24 परिवार रह रहे
पालम विहार आरडब्ल्यूए के उपप्रधान अभिषेक शर्मा ने इन फ्लैट की वजह से हो रही परेशानी के बारे में निदेशक को अवगत करवाया। उन्हें बताया कि प्लॉट मालिकों ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन किया। जिस मकान में चार परिवार रहने चाहिए आज उस मकान में 16 से 24 परिवार रह रहे हैं।
आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की सहायक नगर योजनाकार ने बताया कि प्लॉट मालिकों पर मुकदमा दर्ज करवाया है। साल 2022 और साल 2024 में पांच मकानों को सील किया था, जिनकी सील को तोड़कर फ्लैट बनाए गए हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
रजिस्ट्रियों की जांच होगी
अवैध रूप से निर्मित इन फ्लैट की तहसीलदार और नायब तहसीलदार की तरफ से रजिस्ट्रियां की गई हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक ने जिला उपायुक्त को इस मामले की जांच करने का आग्रह किया है। इसके अलावा डीटीपी को इन मकानों का कब्जा प्रमाण पत्र रद्द करने के आदेश दिए हैं।




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