यूसुफ पठान भी कर रहे हैं NDA को सपोर्ट, TMC के बागी सांसदों में शामिल
Yusuf Pathan: TMC MP यूसुफ पठान ने साल 2024 में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को बड़े अंतर से हराया। अब कहा जा रहा है कि वह बागी सांसदों के समूह में शामिल हो सकते हैं।

Yusuf Pathan: पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान अब बड़ा राजनीतिक फैसला लेते नजर आ रहे हैं। खबर है कि बहरामपुर से सांसद पठान ने केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन NDA का साथ देने का फैसला किया है। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने आधिकारिक तौर से कुछ नहीं कहा है। सोमवार को ही बड़ी संख्या में टीएमसी विधायकों ने गुप्त बैठक की थी। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि पठान उस मीटिंग में शामिल थे या नहीं। देर शाम सांसद महुआ मोइत्रा ने पूर्व खिलाड़ी पर निशाना साधा था।
सीएनएन न्यूज18 से बातचीत में टीएमसी की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पठान का नाम भी होने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि 20 सांसदों ने बगावत की है और जरूरत पड़ी, तो वह सभी का नाम बता सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक-एक कर सभी का नाम बता सकती हूं। हम 20 सांसद हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहती।'
महुआ मित्रा ने साधा निशाना
सोमवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पठान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ‘और यूसुफ पठान आप दिल्ली जा रहे हैं, क्योंकि आपको अमित शाह का कॉल आया है? थोड़ी हिम्मत तो रखो। आप भारत के लिए खेले हैं। हमारे जिले ने आपको बड़े अंतर से जिताया है। थोड़ी शर्म और रीढ़ की हड्डी को मजबूत रखो।’
लोकसभा सीट पर हो गया था बवाल
हाल ही में खबरें आई थीं कि टीएमसी ने बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान को सीट से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी। साथ ही इसके लिए भी पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की मदद ली गई थी। ऐसा इसलिए ताकि ममता बनर्जी सीट से उपचुनाव लड़ सकें। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पूर्व क्रिकेटर ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था। हालांकि, बाद में गांगुली ने इन दावों को खारिज कर दिया था।
ओम बिरला को लिख दिया पत्र
बागी गुट की प्रमुख बताई जा रहीं दस्तीदार ने NDA को अपने समर्थन की जानकारी देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखने का फैसला किया है। दस्तीदार ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया, 'मेरे समेत टीएमसी के लगभग बीस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA को औपचारिक रूप से समर्थन देने का फैसला किया है।'
भाजपा में शामिल होंगे बागी?
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों ने टीएमसी से तुरंत इस्तीफा देने या भाजपा में शामिल होने का विकल्प नहीं चुना है। इसके बजाय, वे राजग का समर्थन करने वाले एक अलग गुट के रूप में काम करने का इरादा रखते हैं, जो दलबदल रोधी कानून से बचने के लिए बनाई गई एक रणनीति है। टीएमसी के पास फिलहाल लोकसभा में 28 सांसद हैं, जिनमें से एक सीट बसीरहाट सांसद हाजी नुरुल इस्लाम के निधन के बाद रिक्त है। 20 सांसदों का समर्थन मिलने पर दलबदल रोधी कानून लागू होने से रोकने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत आसानी से प्राप्त हो जाएगा।
पीटीआई भाषा को एक सूत्र ने बताया कि बागी सांसदों के एक समूह ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की। बैठक की एक कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। इस तस्वीर में, राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय, सांसद अबू ताहिर, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद खेरवाल, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और शताब्दी रॉय के साथ दिखाई दे रहे हैं।




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