इजरायल-ईरान युद्ध से भारत पर पड़ेगा बड़ा असर? कैसे पाकिस्तान उठा सकता है फायदा
इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का बड़ा असर भारत पर भी पड़ सकता है। व्यापार के लिहाज से ईरान भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं चीन की नजर पहले से ही ईरान पर है। ऐसे में पाकिस्तान और चीन फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे।

मध्य एशिया में एक बार फिर बड़ा युद्ध छिड़ गया है। जाहिर तौर पर एशिया में होने वाले युद्ध का बड़ा असर भारत पर भी पड़ने वाला है। वह भी तब जब कि लड़ने वाले दोनों ही देश भारत के दोस्त हैं। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इस बार ईरान पर हमला किया है। जानकारी के मुताबिक हमले आयतुल्लाह खामेनेई के कार्यालय के पास हुए। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि खामेनेई का आवास ही तबाह कर दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जनता से सत्ता की बागडोर अपने हाथ में लेने की आपील करदी है। वहीं भारत सरकार ने इजरायल और ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
भारत के संबंध ईरान और इजरायल दोनों से ही अच्छे हैं। भारत दोनों के सा व्यापारिक संबंध भी रखता है। भारत ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। भारत और ईरान बीच सांस्कृतिक और व्यापार संबंध अच्छे रहे हैं। 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की ईरान यात्रा के दौरान ही चाबहार बंदरगाह को लेकर समझौता किया गया था। इसके बाद से भारत हर बार चाबहार के लिए बजट निर्धारित करता था। हालांकि इस बार पहली बार है जब चाबहार के लिए बजट नहीं दिया गया है।
भारत पर पड़ेगा बड़ा असर
द डिप्लोमैट की रिपोर्ट की मानें तो भारत पर बड़ा असर इसलिए भी पड़ सकता है क्योंकि मध्य एशिया से भारत ईरान के ही रास्ते जुड़ता है। वहीं चाबहार बंदरगाह चीन और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भी भारत के लिए अहम है। पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर चीन कब्जा करना चाहता है और वह विकास परियोजनाएं चला रहा है। ऐसे में भारत का चाबहार पोर्ट के लिए समझौता करना बेहद अच्छा रणनीतिक कदम था।
चीन और पाकिस्तान उठा सकते हैं फायदा
चीन और पाकिस्तान यही चाहते हैं कि भारत की पकड़ मध्य एशिया पर किसी तरह ढीली हो। चीन अफगानिस्तान और पाकिस्तान को मिलाकर आगे बढ़ने की रणनीति तैयार करना चाहता है। अगर चाबहार का रास्ता बाधित होता है तो भारत और अफगानिस्तान के व्यापारिक संबंध भी प्रभावित होंगे और इसका फायदा चीन उठाने की कोशिश करेगा। अगर अफगानिस्तान में चीन की पैठ बढ़ती है तो पाकिस्तान का भी फायदा निश्चित है।
रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई
ईरान के रास्ते कजाकिस्तान जैसे देशों से भी व्यापार होता है और भारत रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे की यूरनियम का आयात करता है। इस युद्ध से रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई पर भी असर हो सकता है। इसके अलावा ईरान में 25 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं। अगर युद्ध संकट बढ़ता है तो भारत उन्हें निकालने के भी उपाय करेगा।
कैसे पाकिस्तान को मिल सकता है फायदा
ईरान और पाकिस्तान के संबंध फिलहाल बहुत अच्छे नहीं हैं। हालांकि अगर ईरान कमजोर होता है तो इस क्षेत्र में पाकिस्तान की पकड़ इस्लामिक राष्ट्र के रूप में मजबूत हो सकती है। जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो अमेरिका पाकिस्तान की जमीन का भी इस्तेमाल ईरान पर शिकंजा कसने के लिए कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान भी अमेरिका से फायदा उठाने की कोशिश करेगा। अफगान पाकिस्तान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही पाकिस्तान की तारीफ की है। इससे डोनाल्ड ट्रंप के इरादों को समझा जा सकता है। अमेरिका पाकिस्तान की वित्तीय मदद भी बढ़ा सकता है।




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