पश्चिम बंगाल के अगले CM बनेंगे शुभेंदु अधिकारी? काउंटिंग से पहले क्या दिया था जवाब
शुभेंदु ने न केवल नंदीग्राम में ममता के खिलाफ फिर से जीत हासिल की, बल्कि उन्हें 2021 के मुकाबले कहीं बड़े अंतर से भी हराया। यही नहीं, उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो को उनके गढ़ भवानीपुर में भी 15,105 वोट के भारी अंतर से शिकस्त दी।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने वाली है। हालांकि, अब तक स्थिति साफ नहीं है कि राज्य के मुख्यमंत्री का पद कौन संभालेगा, लेकिन नेताओं के नामों की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जारी हैं। इन नेताओं में एक नाम लगातार दूसरी बार तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेंदु अधिकारी का भी है। हालांकि, इसे लेकर पार्टी ने या अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
CM बनने के सवाल पर क्या बोले थे शुभेंदु अधिकारी
अप्रैल में एनडीटीवी से बातचीत में अधिकारी से पत्रकार ने पूछा, 'आप बीजेपी का नेतृत्व कर रहे हैं। आप नेता प्रतिपक्ष हैं। सबसे प्रमुख चेहरे हैं आप। क्या यह माना जाए कि अगर आपकी पार्टी की सरकार बनती है और टीएमसी हारती है, तो क्या मैं पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री से बात कर रहा हूं?'
इसपर उन्होंने जवाब दिया, 'मैं इंटरेस्टेड ही नहीं हूं...। इन सवालों में मुझे दिलचस्पी ही नहीं है। भाजपा मोदी जी के केंद्रीय नेतृत्व में लड़ रही है। एक समावेशी नेतृत्व काम कर रहा है। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है कि नंदीग्राम तुम रखो, भवानीपुर में तुम। उनके इलाके में जाकर उनको हराओ। भाजपा ने मुझे शेड्यूल भेजा है कि इस इस इलाके में तुमको जाना है।'
उन्होंने कहा, 'सुनील बंसल जी, भूपेंद्र यादव जी मुझे सब भेज रहे हैं। जो निर्देश मुझे मिल रहे हैं, वैसा मैं कर रहा हूं। जो इनपुट मिल रहा है जमीन से, उसे लेकर मैं पार्टी प्रबंधन के साथ काम कर रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'और मेरा नेता, जिनके हाथ से मैं पताका लिया न, अमित शाह जी गृहमंत्री। उनके साथ मैं लगातार संपर्क में बना रहता हूं। वह भी मुझे काम दे रहे हैं।'
CM के सवाल पर दिया दिलचस्पी नहीं होने का जवाब
जब दोबारा सीएम को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'मुझे दिलचस्पी नहीं है। मोदी जी, केंद्रीय नेतृत्व किसी बंगाली को बना देंगे, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है।' बहरहाल, भाजपा ने अब तक सीएम के नाम का ऐलान नहीं किया है।
चुनावी रिकॉर्ड
शुभेंदु ने न केवल नंदीग्राम में ममता के खिलाफ फिर से जीत हासिल की, बल्कि उन्हें 2021 के मुकाबले कहीं बड़े अंतर (1,956 की तुलना में 9,665 मतों के अंतर से) से भी हराया। यही नहीं, उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो को उनके गढ़ भवानीपुर में भी 15,105 वोट के भारी अंतर से शिकस्त दी। यह दोहरी सफलता, और अपने गढ़ पूर्व मेदिनीपुर की सभी 16 सीट पर तृणमूल की करारी हार तथा भाजपा की जीत सुनिश्चित करना, उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार बनाता है।
अमित शाह ने दिए थे संकेत
भाजपा ने घोषणा की थी कि उसका मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार वह व्यक्ति होगा, जो बंगाल में जन्मा और पला-बढ़ा हो और जिसने बांग्ला माध्यम में शिक्षा हासिल की हो। दिलचस्प बात यह है कि शुभेंदु उन सभी कसौटी पर खरे उतरते हैं, जिनका जिक्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे में वांछित बताई थी।
एक समय में ममता के सबसे करीबी सहयोगियों में शुमार शुभेंदु आज उनके लिए शायद सबसे दुर्जेय प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं। इस प्रक्रिया में उन्होंने न केवल अपने सियासी भविष्य को नया आकार दिया, बल्कि शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का विश्वास भी जीता।




साइन इन