बंगाल में एकजुट हुए हिंदू, मुस्लिम बंट गए; शुभेंदु अधिकारी ने बताया भाजपा की प्रचंड जीत का सीक्रेट
आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी इस बार दो सीटों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वह नंदीग्राम से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी है।

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के लिए जारी मतगणना के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बहुमत के आंकड़े से काफी आगे चल रही है। 293 में से 284 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा 183 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, टीएमसी को सिर्फ 98 सीटों पर बढ़त हासिल है। सुबह आठ बजे से शुरू हुई गिनती के करीब चार घंटे हो चुके हैं। अब लगभग रुझान की तरफ ही नतीजे जाते दिख रहे हैं। ऐसा में भजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार बंगाल में सरकार बनाने के लिए तैयार है। भाजपा की इस शानदार प्रदर्शन से बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी गदगद नजर आए। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ घोषणा की है कि बंगाल में अगली सरकार भाजपा की ही बनेगी।
आपको बता दें कि शुभेंदु अधिकारी इस बार दो सीटों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वह नंदीग्राम से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी है। मतगणना के शुरुआती दौर पर टिप्पणी करते हुए अधिकारी ने कहा कि परिणाम भाजपा के पक्ष में जा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं।
हिंदुओं का ध्रुवीकरण
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस चुनाव में हिंदू मतदाता कमल यानी भाजपा के पक्ष में पूरी तरह एकजुट हुए हैं। उन्होंने इसे एक बहुत अच्छा संकेत बताते हुए कहा कि हिंदू मतदाताओं का भाजपा की ओर यह झुकाव पार्टी की जीत का मुख्य आधार बन रहा है।
मुस्लिम वोटों का बिखराव
शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे मजबूत वोट बैंक माने जाने वाले मुस्लिम वोटों में सेंधमारी का दावा किया है। उनके अनुसार, "इस बार मुस्लिम मतदाताओं ने एकतरफा TMC को वोट नहीं दिया है। मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ है।"
सत्ता विरोधी लहर
शुभेंदु अधिकारी का मानना है कि राज्य में मौजूदा सरकार के खिलाफ भारी 'एंटी-इनकंबेंसी' यानी सत्ता विरोधी लहर थी। लोगों के भीतर सरकार के प्रति नाराजगी और भाजपा के प्रति बढ़ते विश्वास ने चुनावी रुझानों को पूरी तरह बदल दिया है।
भवानीपुर का समीकरण
भवानीपुर सीट की मतगणना का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "शुरुआती दौर में यहां मुकाबला कांटे का होगा। पहले दौर के 14 बूथों में से 6 मुस्लिम बहुल हैं। पिछली बार TMC को इन बूथों पर 90-95% वोट मिलते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। वहां दरार पड़ चुकी है।" उन्होंने दावा किया कि वह हिंदू बहुल 8 बूथों पर बढ़त बनाए हुए हैं और 9वें-10वें राउंड के बाद भवानीपुर में उनकी लीड काफी बढ़ जाएगी।




साइन इन