West Bengal election result Shah Formulates Plan to Field Suvendu Adhikari Who Defeated Mamata Banerjee from Bhabanipur ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बस नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे चुनाव, कैसे शाह ने भवानीपुर के लिए मनाया, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बस नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे चुनाव, कैसे शाह ने भवानीपुर के लिए मनाया

ऐसा ही नतीजा नंदीग्राम से भी देखने को मिला, जहां अधिकारी ने अपने पूर्व करीबी और टीएमसी प्रत्याशी पवित्र कर को 9 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। यहां उन्होंने 1 लाख 27 हजार 301 वोट पाकर जीत दर्ज की। सीट पर कांग्रेस पांचवें स्थान पर रही और महज 794 वोट ही हासिल कर सकी।

Tue, 5 May 2026 05:42 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बस नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे चुनाव, कैसे शाह ने भवानीपुर के लिए मनाया

भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को 2021 का रीकैप दिखा दिया। सोमवार को जब नतीजे घोषित हुए तो एक बार फिर भाजपा हैवी वेट शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया, लेकिन इस बार मैदान भवानीपुर का रहा। इसके अलावा अधिकारी ने नंदीग्राम से भी जीत दर्ज कर ली है। अब खबर है कि अधिकारी सिर्फ एक ही सीट से लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें दो सीटों से लड़ाने का फॉर्मूला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिया था।

जब अमित शाह ने बताई भवानीपुर की इनसाइड स्टोरी

भवानीपुर सीट ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता था। इस बार भी वह इस सीट से चुनाव लड़ रहीं थीं। 2 अप्रैल को गृह मंत्री शाह भवानीपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था, 'शुभेंदु दा हमारे नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे। मैंने शुभेंदु दा को कहा था कि सिर्फ नंदीग्राम नहीं, ममता के घर में जाकर उसको हराना है।'

भवानीपुर सीट पर जीत के बाद अधिकारी ने बताया कि मतगणना के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री शाह लगातार उनके संपर्क में थे और इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले को लेकर चिंता जताई थी।

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शुभेंदु अधिकारी ने 17 हजार का अंतर कवर किया

भाजपा नेता और टीएमसी प्रमुख के बीच भवानीपुर में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था। यहां शुरुआती दौर में अधिकारी ने लीड हासिल कर ली थी, लेकिन कुछ राउंड काउंटिंग के बाद बनर्जी आगे आ गईं थीं। यहां तक कि एक समय पर वह करीब 17 हजार मतों से आगे भी चल रही थीं, लेकिन जैसे-जैसे राउंड बढ़े और अंतर कम होता गया।

अंतिम नतीजा आया कि अधिकारी ने 20 राउंड की काउंटिंग के बाद बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। उन्हें कुल 73 हजार 917 वोट मिले थे। जबकि, बनर्जी को 58 हजार 812 वोट मिले। इस सीट पर तीसरे स्थान पर लेफ्ट नेता श्रीजीब बिस्वास रहे और चौथे पर महज 1257 वोट पाने वाले कांग्रेस नेता प्रदीप प्रसाद थे।

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डबल धमाका

ऐसा ही नतीजा नंदीग्राम से भी देखने को मिला, जहां अधिकारी ने अपने पूर्व करीबी और टीएमसी प्रत्याशी पवित्र कर को 9 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। यहां उन्होंने 1 लाख 27 हजार 301 वोट पाकर जीत दर्ज की। सीट पर कांग्रेस पांचवें स्थान पर रही और महज 794 वोट ही हासिल कर सकी।

जीत के क्या बोले अधिकारी

अधिकारी ने इसे निर्णायक राजनीतिक क्षण बताया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, जीत का प्रमाणपत्र दिखाते हुए राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि बनर्जी को उनके गढ़ में हराना प्रतीकात्मक और रणनीतिक, दोनों ही दृष्टि से अहम है। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत महत्वपूर्ण है। ममता बनर्जी को हराना काफी मायने रखता है।’

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अधिकारी ने दावा किया कि यह चुनाव परिणाम ममता के राजनीतिक करियर के अंत का संकेत है। उन्होंने कहा, 'यह जीत हिंदुत्व की जीत है।' उन्होंने दावा किया कि विभिन्न वर्गों, यहां तक कि अन्य दलों के पारंपरिक समर्थकों ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन क्षेत्र में वामपंथी मतदाताओं के एक वर्ग ने उनका समर्थन किया, जिससे तृणमूल कांग्रेस विरोधी वोटों को एकजुट करने में मदद मिली।