Why PM Modi skipped Lok Sabha amid session Union Minister Kiren Rijiju shares video citing chaos by women Opposition MPs सदन में क्यों नहीं आए PM? मंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के हंगामे का वीडियो किया साझा, India News in Hindi - Hindustan
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सदन में क्यों नहीं आए PM? मंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के हंगामे का वीडियो किया साझा

दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने BJP की आलोचना की है और कहा कि वीडियो में सिर्फ महिला MPs ही दिख रही हैं, जो पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और किरेन रिजिजू वगैरह के पास इकट्ठा हुई थीं, तो पीएम पर हमले की बात कैसी?

Tue, 10 Feb 2026 03:03 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सदन में क्यों नहीं आए PM? मंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के हंगामे का वीडियो किया साझा

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब नहीं दे पाए थे क्योंकि सुरक्षा कारणों से वह सदन में ही नहीं आए थे। तब आरोप लगे थे कि विपक्ष की महिला सांसदों ने सदन में ही पीएम पर हमले की साजिश रची थी, इसलिए प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए थे। तब से प्रधानमंत्री पर विपक्ष हमले कर रहा है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर 4 फरवरी को लोकसभा के अंदर का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से कुछ मिनट पहले ही कांग्रेस की महिला सांसद उनकी सीट के पास जमा हो गईं थीं। उस दिन सेशन अचानक रोक दिया गया था और पीएम का संबोधन टाल दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।

रिजिजू द्वारा एक्स पर साझा किए गए वीडियो के अनुसार, मंत्रीगण के बार-बार अनुरोध के बावजूद महिला सांसद अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं थीं। बैनर पर लिखा था— “जो उचित समझो, वही करो”। रिजिजू ने आरोप लगाया कि यदि भाजपा सांसदों को रोका नहीं जाता, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती थी। उन्होंने कांग्रेस पर संसद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के बीच टकराव की नौबत आ सकती थी। रिजिजू ने ट्वीट किया, “कांग्रेस पार्टी को अपने MPs के सबसे घटिया बर्ताव पर गर्व है! अगर हमने सभी BJP MPs को नहीं रोका होता और अपनी महिला सांसदों को कांग्रेस की सांसदों से भिड़ने दिया होता, तो बहुत बुरा सीन हो जाता। संसद की गरिमा और पवित्रता की रक्षा करना हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।”

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गिरिराज सिंह ने हाथ जोड़कर मनाया था

इस वीडियो में महिला MPs प्रधानमंत्री की सीट के पास जमा दिख रही हैं, जिनके हाथों में एक बड़ा बैनर है, जिस पर लिखा था "जो समझो, वही करो"। हालांकि, उस समय सदन में प्रधानमंत्री नहीं थे। बावजूद इसके महिला सांसद वहां डटी रहीं और रिजिजू और गिरिराज सिंह के हाथ जोड़कर कहने के बावजूद वहां से हिलने से मना कर दिया। उनके बैनर पर लिखा टेक्स्ट जनरल (रिटायर्ड) MM नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' पर आधारित एक मैगज़ीन आर्टिकल के एक वाक्य का रेफरेंस था। इस मेमॉयर का जिक्र कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले हफ़्ते पार्लियामेंट में अपने छोटे से भाषण में किया था, जिस पर हंगामा मच गया था और बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।

स्पीकर ने ही PM को किया था सदन में आने से मना

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खुलासा किया था कि उन्होंने सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी थी, क्योंकि विपक्षी सांसदों द्वारा किसी अप्रिय घटना की आशंका थी। दरअसल, विवाद की जड़ में वह टिप्पणी बताई जा रही है, जो पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ से जुड़ी है। इस कथन का उल्लेख हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में किया था, जिसके बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।

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कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री कहीं दिखाई नहीं देते और महिला सांसद अन्य मंत्रियों के पास खड़ी थीं, न कि प्रधानमंत्री की सीट पर। टैगोर ने तंज कसते हुए कहा कि “रिजिजू का वीडियो खुद स्पीकर के दावे को कमजोर करता है।”

अब भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी

इधर, भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएँ लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुँचाती हैं। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर संसद की मर्यादा, विरोध के तरीकों और सत्ता-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सच्चाई क्या थी, - एहतियात या अतिशयोक्ति- इसका फैसला अब राजनीतिक बहस के हवाले है।

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