No-confidence motion against Om Birla submitted in Lok Sabha Secretariat signed by 118 MPs लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 118 सांसद आए एकसाथ, India News in Hindi - Hindustan
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 118 सांसद आए एकसाथ

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय में जमा करवा दिया गया है। इस पर 118 सांसदों ने साइन किए हैं। वहीं टीएमसी  सांसदों ने साइन करने से इनकार कर दिया था। 

Tue, 10 Feb 2026 01:28 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 118 सांसद आए एकसाथ

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ले आया है और उनके खिलाफ 118 सांसद एकसाथ खड़े हो गए हैं। मंगलवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की अगुआई में प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को सौंप दिया। इस प्रस्ताव में टीएमसी विपक्ष के साथ नहीं है। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा। नोटिस सौंपे जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव की जांच करने और प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है।

नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और कई अन्य विपक्षी दलों के 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है।

बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

क्या है स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया

लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94 और लोकसभा में कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के अनुच्छेद 200 का पालन किया जाता है। इस तरह के प्रस्ताव को पास करवाने के लिए साफ शब्दों में स्पीकर के लगे आरापों का जिक्र करते हुए प्रस्ताव पेश किया जाता है। इसमें व्यंग्य या अनुमान की जगह नहीं होती है। इसके बाद उनियम 1 के तहत नोटिस को कामकाज की सूची में दर्ज किया जाता है।

लोकसभा सचिवालय प्रस्ताव लाने का दिन तय करता है। नोटिस मिलने के 14 दिन के भीतर ही तारीख तय करनी होती है। प्रस्ताव को कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलना चाहिए। लोकसभा में बहुमत के साथ प्रस्ताव पारित होने पर ही स्पीकर को हटाया जा सकता है।

कब-कब लाया गया लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

इस तरह के अब तक तीन प्रस्ताव लाए जा चुके हैं। पहली बार 18 दिसंबर 1954 को तत्कालीन स्पीकर जीवी मावलंकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था जिसे बहस के बाद खारिज कर दिया गया। दूसरी बार 24 नवंबर 1966 को स्पीकर हुकम सिंह के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया। हालांकि इसके समर्थन में 50 से कम सदस्य थे। ऐसे में प्रस्ताव गिर गया था। तीसरी बार 15 अप्रैल 1987 में प्रस्ताव लाया गया था जो कि लोकसभा स्पीकर रहे बलराम झाकड़ के खिलाफ था। बहस के बाद इसे भी खारिज कर दिया गया था।

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