Why Annamali quits BJP What happen last year in Tamil Nadu Politics AIADMK Alliance Amit Shah Inside Story उपेक्षा, अपमान या कुछ और? पिछले साल ऐसा क्या हुआ, जो बनी अन्नामलाई के BJP छोड़ने की वजह; इनसाइड स्टोरी, India News in Hindi - Hindustan
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उपेक्षा, अपमान या कुछ और? पिछले साल ऐसा क्या हुआ, जो बनी अन्नामलाई के BJP छोड़ने की वजह; इनसाइड स्टोरी

अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसके साथ एक पत्र भी था, जिसमें उन्होंने पार्टी के भीतर अपने साथ हुए भेदभाव का विस्तृत विवरण दिया है। 

Tue, 2 June 2026 09:42 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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उपेक्षा, अपमान या कुछ और? पिछले साल ऐसा क्या हुआ, जो बनी अन्नामलाई के BJP छोड़ने की वजह; इनसाइड स्टोरी

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले तमिलनाडु के सिंघम यानी के अन्नामलाई ने जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अपने इस्तीफे के संकेत दिए तो, तमिल राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया, क्योंकि राज्य में इन्हें भाजपा का एक बड़ा चेहरा माना जा रहा था, जिन्होंने अपने कार्यकाल में सूबे में भाजपा का आधार वोट बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पूर्व आईपीएस अधिकारी, अब भगवा दल से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक राह चुनने जा रहे हैं।

अन्नामलाई ने मात्र आठ साल की IPS की नौकरी छोड़कर 2019 में भाजपा ज्वाइन की थी और एक साल बाद ही 2020 में वह भाजपा में शामिल हुए थे। इसके महज एक साल बाद ही उन्हें तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष बना दिया गया था। बड़ी बात यह है कि उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जहां पार्टी का वोट शेयर 2019 के 3.7% से बढ़कर 11.4% तक पहुँच गया।

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असेंबली चुनाव से ठीक पहले विदाई

हालांकि, इस कामयाबी के बावजूद 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को पार्टी की कमान सौंप दी गई। इतना ही नहीं अन्नामलाई को न तो चुनाव समितियों में जगह मिली और न ही विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया। माना जा रहा है कि यहीं से अन्नामलाई की भाजपा से मोहभंग की शुरुआत होनी शुरू हुई। हालांकि, तब अन्नामलाई ने ही स्पष्ट किया था कि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई थी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उन्हें हाशिए पर धकेलने के संकेत के रूप में देखा गया।

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अन्नामलाई के हाशिए पर जाने की असली वजह

सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के बीच दरार की मुख्य वजह AIADMK के साथ गठबंधन को लेकर थी। दरअसल, अन्नामलाई गठबंधन करने की बजाय राज्य में एकला चलो की नीति पर चलना चाहते थे। उनका मानना था कि बीजेपी को किसी के कंधे का सहारा लेने के बजाय तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर अपनी स्वतंत्र ताकत बनानी चाहिए लेकिन भाजपा ने उनकी सलाह मानने की बजाय उन्हें ही प्रदेश अध्यक्ष पद से विदा कर दिया।

सिंघम की सलाह न मानना भूल?

अन्नामलाई की इस सलाह को नजरअंदाज करना बीजेपी के लिए भारी पड़ा। 2026 के चुनावों में पार्टी का वोट शेयर गिरकर महज 3% रह गया, जबकि टीवीके (TVK) राज्य में 'तीसरी ताकत' बनकर उभरी। अब कहा जा रहा है कि अन्नामलाई राज्य में विजय की TVK के उभार को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं और एक वैकल्पिक राह अपनाने की बात कर रहे हैं लेकिन असल वजह भाजपा के अंदर उपेक्षा और हाशिए पर रहना ही भाजपा छोड़ने के पीछे असली कहानी है लेकिन अन्नामलाई इसे इस रूप में जताकर पार्टी नहीं छोड़ रहे बल्कि सौहार्दपूर्ण तरीके से और भविष्य में वापसी के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाकर वह एग्जिट प्लान पर काम कर रहे हैं।

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क्या होगा अन्नामलाई का अगला कदम?

अन्नामलाई ने दिल्ली में बीजेपी प्रमुख नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। चर्चा है कि वे अपने जन्मदिन पर यानी 4 जून को अब 'तमिल-फर्स्ट' (Tamil-first) विचारधारा और अधिक मध्यमार्गी दृष्टिकोण वाली एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। अन्नामलाई की आक्रामक चुनाव प्रचार शैली युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थी। ऐसे में उनके जाने से बीजेपी के लिए तमिलनाडु में अपनी जगह बचाए रखना और उनके जैसा प्रभावशाली नेतृत्व ढूंढना एक बड़ी चुनौती होगी।