तमिलनाडु में होगा विजय vs अन्नामलाई? दोहरा सकता है MGR और करुणानिधि वाला इतिहास
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विजय की टीवीके ने दो बड़े द्रविड़ दलों DMK और AIADMK को हटाकर जीत हासिल की। वहीं, नतीजों के बाद AIADMK में बगावत भी देखी गई। अब मौजूदा हालात को देखकर अन्नामलाई के समर्थकों का मानना है कि राज्य में एक और राजनीतिक शक्ति की जगह है।

महज एक महीने में ही तमिलनाडु में दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। 4 मई को सी जोसेफ विजय ने चौंकाने वाला प्रदर्शन कर चुनाव जीता और मुख्यमंत्री बने। अब अटकलें हैं कि भारतीय जनता पार्टी को पोस्टर बॉय के अन्नामलाई अलग राजनीतिक दल बना सकते हैं। अब अगर ऐसा होता है, तो राज्य में ऐतिहासिक विजय बनाम अन्नामलाई मुकाबला देखने को मिल सकता है। इसके तार एमजीआर और करुणानिधि के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़े जा रहे हैं।
पुरानी यादें ताजा
तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी जंग में से एक करुणानिधि बनाम एमजीआर जैसा नजारा फिर देखने को मिल सकता है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि अगर अन्नामलाई भाजपा से निकलकर अपनी पार्टी बनाते हैं, तो तमिलनाडु में दो गैर द्रविड़ नेताओं के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
एक ओर जहां मुख्यमंत्री विजय के साथ फिल्मी दुनिया के समय से ही प्रशंसकों की भीड़ है। वहीं, अन्नामलाई युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय माने जाते हैं। दोनों के ही अपने फैन्स क्लब भी हैं, जो राज्य में सक्रिय हैं। चैनल से बातचीत में अन्नामलाई से जुड़े एक सूत्र ने कहा, 'विजय और अन्नामलाई के बीच का मुकाबला भी वैसा ही बन सकता है जैसा कभी MGR और करुणानिधि के बीच हुआ करता था, भले ही आज के ये युवा नेता उन गुजरे जमाने के महान नेताओं के सामने कहीं नहीं ठहरते।'
कैसे अन्नामलाई बन सकते हैं बड़ी राजनीतिक ताकत
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विजय की टीवीके ने दो बड़े द्रविड़ दलों DMK और AIADMK को हटाकर जीत हासिल की। वहीं, नतीजों के बाद AIADMK में बगावत भी देखी गई। अब मौजूदा हालात को देखकर अन्नामलाई के समर्थकों का मानना है कि राज्य में एक और राजनीतिक शक्ति की जगह है।
चैनल से बातचीत में सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि तमिलनाडु में भाजपा की राजनीति को पैर पसारने में मुश्किलें जारी हैं। वहीं, अन्नामलाई का राजनीतिक मंच तमिल राष्ट्रवाद और शासन के इर्द गिर्द बन सकता है। मामले के जानकार एक नेता कहते हैं, 'अन्नामलाई की राजनीति तमिल राष्ट्रवादी राजनीति होगी और हमारा मानना है कि वोटरों तक हमारी आवाज पहुंचेगी।'
रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई के प्रस्तावित जन आंदोलन का मकसद जागरूक कार्यकर्ताओं और नए नेताओं की एक नई फौज खड़ी करना है। कहा जा रहा है कि यह आंदोलन जल्द शुरू हो सकता है।
क्यों करुणानिधि से जोड़कर देखा जा रहा है
रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई के कुछ समर्थक करुणानिधि से उनकी प्लानिंग के तार जोड़ते हैं। दिवंगत नेता ने द्रविड़ विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए सिनेमा और साहित्य का सहारा लिया था। वहीं, उनका कहना है कि अन्नामलाई भी राजनीति में उतरने से पहले ऐसा राजनीतिक माहौल तैयार कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स क्या बोले
राजनीतिक जानकार स्वामीनाथन ने कहा कि अन्नामलाई अपनी जगह बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति में अभी भी एक पांचवीं जगह खाली पड़ी है। यह एक ऐसा मंच है जो भ्रष्टाचार से दूर हो, जहां अच्छी सरकार देने की बात हो, तमिल होने पर गर्व हो और जिसमें न तो परिवारवाद का दखल हो और न ही सिनेमाई सितारों का। अगर अन्नामलाई अलग रास्ता चुनने का फैसला करते हैं, तो वे इसी खाली जगह को भरने की कोशिश कर सकते हैं।
क्या करेंगे अन्नामलाई
हालांकि, अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ने का ऐलान आधिकारिक रूप से नहीं किया है। वह मंगलवार को राजधानी दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात कर चुके हैं। कहा जा रहा है कि वह जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं।




साइन इन