इधर अन्नामलाई में उलझी BJP, उधर DMK का थलापति पर 'विजय ब्रो' वाला हमला; तमिलनाडु में क्या बवाल
तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई पार्टी छोड़ने की कगार पर हैं। तो वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विजय थलापति पर हमला करने के लिए डीएमके जेन-जी पैंतरे आजमा रही है।

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों अलग ही उथल-पुथल चल रही है। कभी राज्य में एक छत्र राज करने वाली एआईडीएमके अपने बागी विधायकों से परेशान है। दूसरी तरफ दक्षिणी राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही भाजपा अपने महत्वपूर्ण सिपाहसालार को खोने की कगार पर है। पूर्व IPS अधिकारी और राज्य में भाजपा के अध्यक्ष रह चुके के. अन्नामलाई पार्टी छोड़कर अपनी नई पार्टी बनाने वाले हैं।। हालांकि, सूत्रों की मानें तो भाजपा उन्हें मनाने की पूरी कोशिश कर रही है। इन सब के बीच ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता में आए थलापति विजय के ऊपर विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) लगातार नई रणनीतियों के साथ हमले कर रही है। राज्य में यह लड़ाई डीएमके बनाम टीवीके इसलिए भी हो गई है। क्योंकि सीएम विजय खुद इस बात को कह चुके हैं कि अब तमिलनाडु में यही दो विकल्प बाकी हैं।
अभिनेता से नेता और फिर मुख्यमंत्री बने विजय की सबसे ज्यादा फैन फॉलोइंग जेन जी के बीच है। ऐसे में स्टालिन की डीएमके अब इसी बेस को अपनी तरफ करने के प्रयास में है। इसका सबसे प्रमुख उदाहरण मंगलवार को डीएमके ऑफिस के बाहर विजय पर हमला करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा ने दिया। उन्होंने विजय पर जेन-जी तरीके से हमला बोला। डीएमके की पारंपरिक, औपचारिक राजनीतिक बातचीत शैली से अलग हटकर राजा ने विजय पर 'ब्रो' शब्द के साथ हमला किया। दरअसल, विजय भी अपने जेन-जी वोटर्स को लुभाने के लिए इसी तरह के बोलचाल के शब्दों का प्रयोग करते हुए नजर आते हैं।
डीएमके का 'ब्रो' वाला अटैक
पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा ने मुख्यमंत्री थलापति विजय के ऊपर पीएम मोदी के सामने झुकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ब्रो, विजय ब्रो, प्रधानमंत्री के सामने आपकी ताकत कहां चली गई ब्रो? उन्होंने कहा था कि यह नहीं हो सकता ब्रो। माननीय मुख्यमंत्री ब्रो, आपने क्यों नहीं बोला ब्रो? प्रेस से मिलने की हिम्मत क्यों नहीं है ब्रो?” दरअसल, डीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री विजय पर यह हमला राज्य में बड़ी मात्रा में हो रही बिजली कटौती और कथित प्रशासनिक विफलता से जुड़ा हुआ है। विजय और उनकी पार्टी के ऊपर आरोप हैं कि वह राज्य को बेहतर तरीके से संभाल नहीं पा रही है। इसलिए लोगों की जिंदगियों में परेशानी बढ़ गई है।
राजा ने अपना हमला तेज करते हुए कहा, "विजय ब्रो, आपको दूरदर्शिता रखनी चाहिए थी। पहले से ही ज्यादा बिजली खरीदने पर ध्यान देना चाहिए था। इसके लिए भले ही ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते। कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ती। अरे, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी आप नहीं ले सकते। बिजली कटौती के लिए आप स्टालिन और डीएमके सरकार को दोषी ठहराते हैं। मुख्यमंत्री जी, सच में हम डरे हुए हैं। पता नहीं यह सब कहाँ जा रहा है। नींद नहीं आ रही है। कुछ भी ठीक नहीं है। न कोई दीर्घकालिक योजना है, न ही दैनिक प्रशासन।”
स्टालिन विजय की जीत को बता चुके हैं ग्लैमर सुनामी
डीएमके हमेशा से ही एक अलग तरीके से राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री के इस तरीके से हमला करने को राजनीतिक विश्लेषक युवा मतदाताओं को अपनी तरफ खींचने का प्रयास बता रहे हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि विजय की पार्टी तमिलझा वेत्री कड़गम(TVK) ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके युवा वोटरों को अपनी तरफ बेहतर तरीके से खींचा है। एम. के. स्टालिन ने अभिनेता से राजनेता बने विजय की लोकप्रियता को "ग्लैमर सुनामी" बताया, जिसने चुनावी नतीजों को काफी हद तक प्रभावित किया।




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