स्टालिन के गढ़ में वीएस बाबू की दहाड़, कौन हैं थलपति विजय की पार्टी के ये 'जायंट किलर'
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पीछे चल रहे हैं। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे 75 साल के वीएस बाबू 7 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पीछे चल रहे हैं। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे 75 साल के वीएस बाबू 7 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, डीएमके का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में स्टालिन फिलहाल पीछे चल रहे हैं। इस बीच ये जानना भी जरूरी है कि स्टालिन को उन्हीं के गढ़ में पछाड़ने वाले वीएस बाबू कौन हैं?
वीएस बाबू ने 7 फरवरी 2026 को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) का दामन थाम लिया था। इससे पहले, वे 2006 से 2011 तक डीएमके के टिकट पर पुरासावल्कम से विधायक रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने एआईएडीएमके उम्मीदवार को 90,000 से अधिक वोटों से हराया था। उनके पास दो दशकों से अधिक का राजनीतिक अनुभव है। उनकी घोषित संपत्ति 3.7 करोड़ रुपए है।
लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश
कोलाथुर में एमके स्टालिन के खिलाफ एआईएडीएमके के पी संताना कृष्णन और एनटीके के सुंदर पांडियन लोथर सेठ भी मैदान में हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके के इस चुनावी मैदान में उतरने से एक नया मोड़ आ गया है, जिससे सत्ता विरोधी लहर को भुनाने और युवाओं को आकर्षित करने में मदद मिल रही है।
वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रुझानों में अन्नाद्रमुक की लीमा रोज मार्टिन और भाजपा की तमिलिसाई सौंदरराजन सहित हाई-प्रोफाइल महिला उम्मीदवार कड़ी टक्कर का सामना कर रही हैं, जो अभिनेता विजय की टीवीके पार्टी द्वारा बड़े उलटफेर की ओर इशारा करते हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार कई अनुभवी महिला नेता खुद को ऐसे त्रिकोणीय मुकाबलों में पा रही हैं जहां जीत-हार का अंतर बेहद कम है। लालगुडी से चुनाव लड़ रहीं राज्य की सबसे धनी उम्मीदवार लीमा रोज मार्टिन को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। मतगणना के आठवें दौर की गणना तक वह द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी. परिवल्लल से लगभग 5,500 मतों से पीछे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उम्मीदवार ने इस क्षेत्र में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के पारंपरिक वोट शेयर में काफी सेंध लगाई है।
भाषा से इनपुट




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