Who is Kolkata DCP Shantanu Sinha and how did Mamata Banerjee close aide come under the ED radar कौन हैं कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा, कैसे ममता बनर्जी के खास ED की रडार पर आए, India News in Hindi - Hindustan
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कौन हैं कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा, कैसे ममता बनर्जी के खास ED की रडार पर आए

ईडी की तरफ से नए सिरे से नोटिस किए जाने के बावजूद शांतनु सिन्हा बिस्वास संघीय एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद बुधवार को ईडी ने सुरक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर उनके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी।

Fri, 15 May 2026 01:20 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं कोलकाता DCP शांतनु सिन्हा, कैसे ममता बनर्जी के खास ED की रडार पर आए

ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई कर कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया है। धोखाधड़ी और जबरन वसूली से जुड़े मामले में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। खास बात है कि इससे पहले बिस्वास के खिलाफ एजेंसी की तरफ से लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है।

कौन हैं डीसीपी शांतनु सिन्हा

बिस्वास कोलकाता पुलिस में कई बड़े पदों पर रह चुके हैं। उनकी सबसे अहम भूमिका कालीघाट थाने के इंचार्ज (OC) के रूप में मानी जाती थी। दरअसल, यह इलाका इसलिए खास है क्योंकि यहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रहती हैं। खास बात है कि वह बनर्जी की सिक्योरिटी टीम में भी शामिल रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी का खास माना जाता है।

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क्यों रडार पर आए डीसीपी

पीटीआई भाषा के अनुसार, ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सोना पप्पू नेटवर्क से जुड़े कथित रूप से भूमि हड़पने, जबरन वसूली और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शांतनु सिन्हा बिस्वास से पूछताछ की गई। उन्होंने बार-बार सीधे जवाब देने से परहेज किया और जांच में सहयोग नहीं किया।' उन्होंने कहा, 'इकट्ठा किए गए सबूतों और पूछताछ के दौरान उनके आचरण के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।'

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कई बार जारी हुए समन

वर्तमान में कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात बिस्वास आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कई बार समन की अवहेलना करने के बाद एजेंसी के सामने पेश हुए। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ता धोखाधड़ी के मामले के संबंध में व्यवसायी जय कामदार के साथ उनके कथित संबंधों की जांच कर रहे हैं, जिन्हें सोना पप्पू का करीबी माना जाता है।

ईडी की तरफ से नए सिरे से नोटिस किए जाने के बावजूद बिस्वास संघीय एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद बुधवार को ईडी ने सुरक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर उनके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी। अधिकारी ने बताया, 'वह आज हमारे अधिकारियों के सामने पेश हुए।' अधिकारी ने बताया कि बिस्वास को 28 अप्रैल को भी तलब किया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'इसके बाद, बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके।'

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उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान बिस्वास के सामने जांच के दौरान बरामद की गई कई व्हाट्सएप चैट भी पेश की गईं। कालीघाट पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी अधिकारी रहे बिस्वास कई मामलों में जांच के दायरे में हैं। बिस्वास को शुक्रवार को विशेष अदालत के समक्ष पेश किये जाने की उम्मीद है।