बंगाल: भर्ती घोटाले में फंसे ममता बनर्जी के खास सुजीत बोस को 10 दिन की ED कस्टडी, बेटे ने क्या कहा?
नगरपालिका भर्ती घोटाले में फंसे तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के खास पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को मंगलवार को विशेष अदालत ने 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय हिरासत में भेज दिया है।

नगरपालिका भर्ती घोटाले में फंसे तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के खास पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को मंगलवार को विशेष अदालत ने 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) हिरासत में भेज दिया है। ईडी की मांग पर कोर्ट ने बोस को 10 दिनों के लिए केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में सौंपा। इस मामले में ईडी पहले से ही बोस पर भर्ती में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी का आरोप लगा रही है। सुजीत बोस को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था।एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में बोस और उनके बेटे समुद्र बोस के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठानों की दो बार तलाशी ली थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि छापेमारी के दौरान मामले में संलिप्तता दर्शाने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
बेटे समुद्र बोस ने क्या कहा?
कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस ने कहा कि इस मामले पर मुझे और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, उनकी नाम प्रेडिकेट ऑफेंस की लिस्ट में नहीं है। ईडी ने अदालत में अपना बयान दिया है। चूंकि यह मामला सब ज्यूडिस है, इसलिए मैं इस पर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। हमने हमेशा जांच में पूरा सहयोग किया है और कल वह जांच में सहयोग करने के लिए खुद गए थे। हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे। हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखते हैं।
क्या है मामला?
बता दें कि सुजीत बोस सोमवार को कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के संबंध में ईडी के समक्ष पेश हुए थे। वे अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुंचे। हालांकि यह पहली बार नहीं था जब ईडी ने दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बोस को तलब किया था। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बोस को ईडी के कई नोटिस मिले थे। एक नोटिस तो नामांकन पत्र दाखिल करने वाले दिन 6 अप्रैल को भी मिला था।
चुनाव प्रचार की व्यस्तता का हवाला देते हुए बोस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेशी से छूट के लिए याचिका दायर की थी। चुनाव समाप्त होने के बाद 1 मई को वे ईडी के समक्ष पेश हुए थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक सुजीत बोस ने हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक मतों के अंतर से हार का सामना किया था।




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