Former Kolkata DCP Shantanu Sinha Arrested ED Had Issued Lookout Notice कोलकाता के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा गिरफ्तार, ED ने जारी किया था लुकआउट नोटिस; क्या हैं आरोप, India News in Hindi - Hindustan
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कोलकाता के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा गिरफ्तार, ED ने जारी किया था लुकआउट नोटिस; क्या हैं आरोप

पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही कार्रवाई का दौर चल पड़ा है। कोलकाता के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। हाल ही में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लुकआउट नोटिस जारी किया था।

Thu, 14 May 2026 09:46 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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कोलकाता के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा गिरफ्तार, ED ने जारी किया था लुकआउट नोटिस; क्या हैं आरोप

पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही कार्रवाई का दौर चल पड़ा है। कोलकाता के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। हाल ही में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लुकआउट नोटिस जारी किया था। उनपर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के हित में काम किया। इसके अलावा उनपर कई घोटालों के भी आरोप हैं।

ईडी ने 28 अप्रैल को डीसीपी बिस्वास को पूछताछ के लिए तलब किया था। इससे पहले एजेंसी ने उनके गोलपार्क स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। बिस्वास को टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें ममता बनर्जी के साथ मंच पर देखा गया था, जिसके बाद टीएमसी ने दावा किया कि उन्हें ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात किया गया था।

आपको बता दें कि इससे पहले शांतनु सिन्हा बिस्वास ने जांच के दौरान एजेंसी द्वारा जारी किए गए कई समन को नजरअंदाज कर दिया था। ईडी ने उन्हें पहले कम से कम पांच बार पेश होने के नोटिस दिया था। बिस्वास पश्चिम बंगाल और कोलकाता पुलिस कल्याण समिति के मुख्य समन्वयक और नोडल अधिकारी भी थे। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, लुकआउट नोटिस जारी होने से पहले ईडी ने कोलकाता पुलिस के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर के दो ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें बालीगंज इलाके में स्थित उनका घर भी शामिल था।

ईडी द्वारा कोलकाता में बिस्वास के फर्न रोड स्थित घर पर छापेमारी के एक दिन बाद उनके दोनों बेटों सयंतन और मनीष को भी एजेंसी ने अपने CGO कॉम्प्लेक्स स्थित दफ्तर में बुलाया था। वे भी पेश नहीं हुए थे।

बिस्वास के खिलाफ क्या हैं आरोप?

एक रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वास के ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की गई थी। बिस्वास के साथ-साथ सन एंटरप्राइज नामक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और व्यवसायी जॉय कामदार के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। अधिकारी कामदार को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए थे। यह मामला बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू नामक एक स्थानीय अपराधी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। पोद्दार पर हत्या की कोशिश और रंगदारी मांगने के आरोपों में कई मामले दर्ज हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एक अप्रैल को भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। जांच एजेंसी ने 1.47 लाख नकद और 67.64 लाख मूल्य के सोने के आभूषण और चांदी जब्त की थी। इनके अलावा एक देसी पिस्तौल भी जब्त की गई थी।